
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। ब्राह्मण बेटियों को लेकर आपत्तिजनक बयान देने वाले आइएएस अधिकारी व अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई न होने से ब्राह्मण और कर्मचारी संगठनों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने शुक्रवार को एलान कर दिया कि चार-पांच दिनों में सरकार वर्मा के विरुद्ध एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई नहीं करती है तो सामान्य वर्ग के कर्मचारी मंत्रालय में बंद कर देंगे। सामूहिक अवकाश लेंगे। वर्मा के साथ हमारा कोई कर्मचारी साथी काम नहीं करेगा।
उधर, रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्रीय कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर वर्मा की आइएएस संवर्ग में पदोन्नति की जांच कराने की मांग की है। मंत्रालय भवन के ठीक सामने सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान के द्वार पर कर्मचारी और ब्राह्मण संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि कारण बताओ नोटिस देना पर्याप्त नहीं है। जो कृत्य संतोष वर्मा ने किया है, उसके लिए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर निलंबित किया जाए। ऐसा न होने पर हम सामूहिक अवकाश लेकर घर बैठ जाएंगे। मंत्रालय बंद कर देंगे।
कर्मचारी मंच के अशोक पांडे, उमाशंकर तिवारी, ब्राह्मण संगठनों से गिरीश शर्मा, पुष्पेंद्र मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी करने वाले अधिकारी को सेवा में रहने का अधिकार नहीं है। सरकार के अब तक कार्रवाई न करने पर भी प्रश्न है।
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म में भी आइएएस संतोष वर्मा जैसे विकृत मानसिकता वाले लोग है, जो ब्राह्मण की बेटी दान में मांगने जैसी विकृत सोच सार्वजनिक मंच से व्यक्त कर समाज में वैमनस्यता फैलाने का काम करते हैं। सरकार से अनुरोध है कि इस आइएएस के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करे। अगर नहीं होती है तो सनातनधर्मी खुद कार्रवाई करेंगे। संतोष वर्मा जैसे लोग सामाजिक समरसता को खत्म करने के लिए ब्राह्मण की बेटी दान में लेने, बेटे से संबंध बनाने जैसी विकृत बातें करते हैं।
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वहीं दूसरी तरफ ब्राह्मण बेटियों पर असभ्य बयान देकर विवादों में घिरे आइएएस अधिकारी और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकार एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा के समर्थन में संगठन बेशर्मी पर उतर आया है। रतलाम, छिंदवाड़ा, कटनी, सिंगरौली, खंडवा सहित कई जिलों में संगठन से जुड़े सदस्यों ने सम्मान रैली निकाली।
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का बयान सामाजिक समरसता को लेकर था, जिसे गलत संदर्भ में लिया गया। वे स्थिति भी स्पष्ट कर चुके हैं। मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय कर्मचारी-अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि यह अजाक्स संगठन की बेशर्मी है।