'प्रमोशन दो वरना वीआरएस लेंगे...' मप्र बिजली कंपनी के इंजीनियरों की खुली चेतावनी
पदोन्नति और उच्च पदों का चालू प्रभार देने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अभियंताओं ने जल्द समाधान की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर सामूहिक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और आंदोलन की चेतावनी दी है।
Publish Date: Sat, 07 Nov 2026 10:27:54 AM (IST)Updated Date: Sat, 07 Nov 2026 10:27:54 AM (IST)
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय, भोपाल। फाइल फोटोHighLights
- 36 से 38 साल की सेवा में सिर्फ एक पदोन्नति
- 80 प्रतिशत अभियंताओं को मिला लाभ, 20 प्रतिशत वंचित
- सामूहिक वीआरएस और आंदोलन की चेतावनी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में पदोन्नति नहीं मिलने से वरिष्ठ अभियंताओं में नाराजगी बढ़ रही है। वर्ष 1989 और 1991 में कनिष्ठ यंत्री पद पर नियुक्त अभियंताओं का कहना है कि 36 से 38 साल की सेवा के बाद भी उन्हें केवल एक पदोन्नति मिली है, जबकि अन्य संवर्गों के अधिकारी तीन पदोन्नतियां प्राप्त कर चुके हैं।
अभियंताओं ने जल्द समाधान नहीं होने पर सामूहिक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) और आंदोलन की चेतावनी दी है।
20 प्रतिशत को नहीं मिला लाभ
अभियंताओं ने ऊर्जा विभाग के 9 जून 2011 के परिपत्र को यथावत रखने की मांग की है। उनके अनुसार, उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद 13 सितंबर 2021 को भी विभाग ने परिपत्र को कायम रखने की पुष्टि की थी। कंपनी के लगभग 80 प्रतिशत अभियंताओं को इसका लाभ मिल चुका है, लेकिन शेष पात्र 20 प्रतिशत अब भी वंचित हैं।
आंदोलन की चेतावनी
अभियंताओं ने पदोन्नति और उच्च पदों का चालू प्रभार देने में भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनसे लगभग 20 साल बाद नियुक्त कर्मचारी भी उच्च पदों पर पहुंच चुके हैं। अभियंताओं ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि लगातार उपेक्षा से उनमें मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
मांगें पूरी नहीं होने पर सामूहिक आंदोलन किया जाएगा