
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की गई है। राज्य सरकार और पुलिस अब मादक पदार्थों, साइबर अपराध, अवैध हथियारों तथा संगठित अपराध के नेटवर्क पर सतत प्रहार कर रही है। प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। प्रदेश को वर्ष 2029 तक पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर सघन प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
पहले इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होने वाले थे। बाद में मुख्यमंत्री ने बैठक अध्यक्षता की। उधर, शाह देर शाम भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन करना, मार्गदर्शन देना, सहयोग करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना एक अत्यंत सराहनीय व सकारात्मक पहल है।
बैठक में कानून-व्यवस्था, तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, मादक पदार्थ नियंत्रण, साइबर अपराध, आतंकवाद प्रतिरोध, विदेशियों से संबंधित विषयों, भगोड़ों के विरुद्ध कार्रवाई, पुलिस आधुनिकीकरण, पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय, आपदा प्रबंधन तथा शत्रु संपत्ति के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। बैठक में आइबी के निदेशक, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीजी समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के विजन की जानकारी बैठक में दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से लगी सीमाओं को देखते हुए अपराधियों की अंतरराज्यीय आवाजाही, हथियारों की तस्करी तथा ड्रग कारिडोर पर पड़ोसी राज्यों के साथ सूचनाएं साझा करना और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने नेटग्रिड के अधिक प्रभावी उपयोग, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘ड्रग-मुक्त कैंपस’ फ्रेमवर्क लागू करने, एनडीपीएस विशेष न्यायालयों की शीघ्र स्थापना तथा राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन पर जोर दिया।
बैठक में मप्र पुलिस के अधिकारियों ने बताया गया कि तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में प्रदेश ने उल्लेखनीय काम किए हैं। राज्य में 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने की दर 69 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत (59 प्रतिशत) से अधिक है। ई-समन की सीधी डिलीवरी में राज्य देश में सबसे आगे है। ई-साक्ष्य का कवरेज पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया है तथा सभी जिलों में 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन उपलब्ध हैं।
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के विस्तारित परिसर ‘अत्रि’ (एडवांस्ड टेक्नोलाजी एंड रिसर्च इनोवेशन) 52 एकड़ भूमि पर बनेगा। 485 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ इनोवेशन पार्क की स्थापना की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका भूमिपूजन करने वाले थे लेकिन अन्य व्यस्तता के चलते मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने शनिवार को भूमिपूजन किया। उन्होंने यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
उधर, केंद्रीय गृह मंत्री ने गोपालक सम्मेलन में पहुंचने से पहले होटल ताज में मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव के साथ करीब एक घंटे बैठक की। माना जा रहा है कि इस दौरान सत्ता और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने भी भेंट की।