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देश में खुलने वाली 75 हजार सहकारी डेयरियों में सबसे ज्यादा एमपी में होंगी स्थापित, 3 साल में 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य

मध्य प्रदेश में अगले तीन वर्ष में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य रखा है जो कठिन जरूर है, लेकिन इसे हासिल करने में केंद्र सरकार हर कदम...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 08:25:44 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 08:25:44 PM (IST)
देश में खुलने वाली 75 हजार सहकारी डेयरियों में सबसे ज्यादा एमपी में होंगी स्थापित, 3 साल में 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य
3 साल में 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य।

HighLights

  1. गोपालकों के लिए भोपाल में 50 एकड़ भूमि मंजूर
  2. उज्जैन में ₹255 करोड़ के प्लांट का भूमि-पूजन
  3. 3 साल में 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में हजारों गोपालकों के सम्मेलन में प्रदेश की क्षमता पर भरोसा जताया। संभवतः इसीलिए देशभर में स्थापित होने वाली 75 हजार सहकारी डेयरियों में सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में खोलने की घोषणा की।

अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गोपालक हैं, उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

देसी नस्लों का संवर्धन किया जाएगा

यह गोपालक सम्मेलन प्रदेश में हो रही श्वेत क्रांति का शुभ संकेत है। कुपोषण के विरुद्ध भी सहकारी डेयरियां बड़ा काम करेंगी। हमने भोपाल में 50 एकड़ भूमि की मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की थी। उन्होंने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसमें नस्ल सुधार का काम होगा और देसी नस्लों का संवर्धन किया जाएगा।


वर्ष 2047 तक भारत हर क्षेत्र में नंबर एक होगा। हम 42 हजार डेयरियों को मजबूत कर रहे हैं। नस्ल सुधार, गोबर से गैस, गोबर से अलग-अलग प्रकार के रसायन बनाना और चारा प्रबंधन के क्षेत्र में काम किया जाएगा।

तीन वर्ष में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य

आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के एक-एक ग्राम गोबर का मूल्य किसानों को मिले, ऐसी व्यवस्था बनाएंगे। मध्य प्रदेश में अगले तीन वर्ष में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य रखा है जो कठिन जरूर है, लेकिन इसे हासिल करने में केंद्र सरकार हर कदम पर मध्य प्रदेश के साथ खड़ी है।

ऐसे उपायों से ही मध्य प्रदेश अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध संग्रहण का लक्ष्य हासिल करेगा। बता दें, सम्मेलन में भोपाल व आसपास के 11 जिलों के हजारों पशुपालक शामिल हुए।

उज्जैन में डेयरी प्लांट का भूमिपूजन, दो प्लांट का उद्घाटन किया

अमित शाह ने सम्मेलन से ही उज्जैन में तीन लाख लीटर क्षमता वाली 255 करोड़ की लागत वाले डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। वहीं, भोपाल में 17 करोड़ रुपये की लागत से 49 हजार लीटर की क्षमता वाले फरमंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला और शिवपुरी के मिनी डेयरी संयंत्र (चिलिंग प्लांट) का उद्घाटन किया। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरण भी किया गया।

वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता होगी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी विकासखंडों में वृंदावन ग्राम बनाए जा रहे हैं। नस्ल सुधार के लिए विकासखंडों में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि दुनिया में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उत्पादन 330 ग्राम, भारत में 485 ग्राम और मध्य प्रदेश में 750 ग्राम है। अभी 406 गौ एंबुलेंस संचालित हैं। अब 168 और शुरू की जाएंगी। प्रदेश में पशु मेले बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।

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सहकारिता के क्षेत्र में नई क्रांति आई : हेमंत खंडेलवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा अमित शाह के मार्गदर्शन से मध्य प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में एक नई क्रांति आई है। इसके माध्यम से सांची ने प्रगति की है और हमारा दूध का संग्रहण 12 लाख लीटर तक पहुंच गया है। सरकार से संगठन, संगठन से उत्पादन और उत्पादन से बाजार तक राज्य सरकार काम कर रही है। गुजरात की तरह मध्य प्रदेश में भी दूध के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।