MP में ऑफलाइन TET पर फिर फंसा पेंच: ESB ने खींचे हाथ; अब नई एजेंसी कराएगी डेढ़ लाख शिक्षकों की परीक्षा
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग नई परीक्षा एजेंसी तय करेगा। PSC को जिम्मेदारी देने पर भी विचार संभव है।
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 09:37:14 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 07:40:07 AM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- ESB ने ऑफलाइन टीईटी से किया इन्कार
- स्कूल शिक्षा विभाग नई परीक्षा एजेंसी तय करेगा
- नवंबर-दिसंबर में परीक्षा की संभावना
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर नई समस्या उत्पन्न हो गई है। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा टीईटी ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने की घोषणा के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) को ऑफलाइन परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा था।
अब ईएसबी ने ऑफलाइन परीक्षा कराने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में विभाग ईएसबी के स्थान पर किसी दूसरी एजेंसी से परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है।
नई एजेंसी का होगा चयन
ईएसबी ने विभाग को भेजे जवाब में कहा है कि मंडल पिछले सात वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। ऑफलाइन परीक्षा कराने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। यदि ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करनी है तो इसके लिए नए सिरे से एजेंसी का चयन करना होगा।
ऐसे में मंडल ऑनलाइन के अलावा दूसरी व्यवस्था में परीक्षा कराने की स्थिति में नहीं है। इधर, ईएसबी ने टीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 18 सितंबर तक बढ़ा दी है। अब परीक्षा एजेंसी बदलने की स्थिति में परीक्षा की पूरी व्यवस्था में बदलाव की संभावना है।
नवंबर-दिसंबर में हो सकती है परीक्षा
ईएसबी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 12 अक्टूबर की तारीख प्रस्तावित की थी, लेकिन अब इस तारीख में बदलाव होना तय माना जा रहा है। अभी तक करीब 12 हजार शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। सरकार की ओर से ऑफलाइन परीक्षा को भी मंजूरी दिए जाने के बाद नई एजेंसी परीक्षा की तारीख तय करेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार आवेदन की संख्या अभी कम है और सभी पात्र शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना है। ऐसे में परीक्षा नवंबर या दिसंबर में होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद तय होगी एजेंसी
परीक्षा के लिए नई एजेंसी तय करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की जाएगी। फिलहाल ईएसबी के माध्यम से एमपी ऑनलाइन पर आवेदन और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि शुल्क शासन के पास जमा हो रहा है, इसलिए जिन शिक्षकों ने आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। विभाग के स्तर पर मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) को परीक्षा की जिम्मेदारी देने पर भी विचार हो सकता है।
हालांकि, पीएससी ने इससे पहले शिक्षकों की भर्ती या पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं की है। ऐसे में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जाएगा।
एसबी द्वारा ऑफलाइन परीक्षा कराने से इन्कार करने पर अब दूसरी एजेंसियों के माध्यम से परीक्षा कराने की व्यवस्था की जाएगी। परीक्षा एजेंसी किसे बनाया जाएगा, यह शासन स्तर पर तय होगा। - अभिषेक सिंह, आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय