
सौरभ सोनी, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 42 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटा दिए जाने से भाजपा की चिंता बढ़ गई है। इसको लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने माना है कि जनप्रतिनिधियों ने एसआइआर के कार्य में रुचि नहीं ली। नतीजतन, संगठन ने पार्टी के सांसद और विधायकों के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। इसके साथ ही नई रणनीति के साथ प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों की संभागवार जिम्मेदारी तय की है। वे अब अपने-अपने प्रभार के संभागों में बूथ से लेकर जिला और संभाग स्तर तक एसआइआर के काम की समीक्षा करेंगे।
मतदाता सूची में 10 जनवरी तक अधिक से अधिक नाम जुड़वाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्टीजनों को हर बूथ पर कम से कम 50 नए मतदाता बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए युवा मोर्चा की भी जिम्मेदारी तय की गई है। मोर्चा के कार्यकर्ता ऐसे युवाओं से संपर्क कर उनके नाम जुड़वाएंगे, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है। दरअसल, प्रदेश में बड़ी संख्या में वोट हटाए जाने से राजनीतिक दलों को कई लोकसभा और विधानसभा सीटों पर समीकरण गड़बड़ाने की चिंता सता रही है।
भाजपा भी इससे अछूती नहीं है। पार्टी ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला को रीवा और जगदीश देवड़ा को शहडोल व उज्जैन क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को जबलपुर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को सागर की जिम्मेदारी दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल और नर्मदापुरम अपने पास रखा है।
ये अपने-अपने क्षेत्रों में यह सुनिश्चित कराएंगे कि मतदाता सूची में 10 जनवरी तक अधिक से अधिक नाम जोड़े जाए। बता दें कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह और प्रदेश महामंत्री (संगठन) हितानंद लगातार एसआइआर के कार्य की निगरानी कर पार्टी के प्रभारियों के साथ आवश्यकता होने पर बीएलए तक से संवाद कर रहे हैं।
एसआइआर के कार्य में पार्टी के प्रदेश के सभी विधायक और विधानसभा क्षेत्रों के हारे हुए प्रत्याशियों को भी सक्रिय करके लगाया जाएगा। पार्टी के बूथ स्तरीय प्रतिनिधि (बीएलए) अनुपस्थित शिफ्टेड मृत (एएसडी) में अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं को अपने स्तर पर सत्यापन भी करेंगे और कमियों को दूर कराएंगे। वर्तमान मतदाताओं के नाम यदि मतदाता सूची से हटाए गए हैं तो उन्हें जुड़वाया जाएगा।