नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस बार तीसरी से आठवीं कक्षा की छमाही परीक्षा में विद्यार्थियों की केवल किताबी जानकारी नहीं, बल्कि उनकी समझ, विश्लेषण क्षमता और सीखी गई बातों को व्यवहार में लागू करने की दक्षता भी परखी जाएगी।
परीक्षा में लर्निंग आउटकम्स (सीखने के प्रतिफल) पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए बहुविकल्पीय, रिक्त स्थान की पूर्ति, अतिलघुउत्तरीय, लघुउत्तरीय और दीर्घउत्तरीय प्रश्नों का पैटर्न निर्धारित किया गया है।
परीक्षा का पैटर्न बदला
खास बात यह है कि पहली बार इस पैटर्न पर आधारित मॉडल प्रश्न बैंक भी तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी कराएंगे। राज्य शिक्षा केंद्र ने सत्र 2026-27 में प्रतिभा पर्व और अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन के आयोजन को लेकर सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों का अलग से मूल्यांकन नहीं होगा। इनका आकलन एफएलएन आधारित आवधिक मूल्यांकन के माध्यम से किया जाएगा।
प्रतिभा पर्व मूल्यांकन एक दिसंबर से शुरू होगा
सरकारी स्कूलों में तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों का प्रतिभा पर्व मूल्यांकन 1 दिसंबर से शुरू होगा। तीसरी से पांचवीं तक की परीक्षाएं 1 से 7 दिसंबर तक सुबह 10.30 से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। वहीं छठवीं से आठवीं तक का मूल्यांकन 1 से 8 दिसंबर तक दोपहर 1.30 से शाम चार बजे तक होगा। प्रश्नपत्र अक्टूबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर संबंधित जिलों की डाइट द्वारा तैयार किए जाएंगे।
60 अंकों का होगा प्रश्नपत्र, पांच तरह के प्रश्न
- प्रत्येक विषय का प्रश्नपत्र 60 अंकों का होगा। इसमें कुल 26 प्रश्न शामिल रहेंगे।
- 5 बहुविकल्पीय और 5 रिक्त स्थान की पूर्ति वाले प्रश्न एक-एक अंक के होंगे।
- 6 अतिलघुउत्तरीय प्रश्न दो-दो अंक, छह लघुउत्तरीय प्रश्न तीन-तीन अंक और चार दीर्घउत्तरीय प्रश्न पांच-पांच अंक के होंगे।
- प्रश्नपत्र में 20 प्रतिशत प्रश्न ज्ञान आधारित, 50 प्रतिशत समझ, 20 प्रतिशत अनुप्रयोग और 10 प्रतिशत उच्च स्तरीय चिंतन कौशल पर आधारित रहेंगे।
- कठिनाई स्तर के अनुसार 20 प्रतिशत आसान, 50 प्रतिशत औसत और 30 प्रतिशत कठिन प्रश्न रखे जाएंगे।
परीक्षा के बाद बालसभा बनेगी वार्षिक उत्सव
मूल्यांकन के अगले कार्यदिवस में स्कूलों में बालसभा का आयोजन किया जाएगा। इसे विद्यालय के वार्षिक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसमें साहित्यिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां शामिल होंगी। बालसभा का संचालन बाल कैबिनेट करेगी। इसमें अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों की उपलब्धियां और पोर्टफोलियो दिखाए जाएंगे।
निजी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा
निजी स्कूलों में पांचवीं और आठवीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा राज्य शिक्षा केंद्र की समय-सारणी के अनुसार होगी। इनके प्रश्नपत्र स्कूल स्तर पर अक्टूबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किए जाएंगे। अन्य कक्षाओं में स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन करा सकेंगे।
कक्षा 5वीं और 8वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम में अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन के प्राप्तांकों का 20 अंक का अधिभार शामिल होगा। जिन विषयों में विद्यार्थी ई-ग्रेड प्राप्त करेंगे, उनमें अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर उनकी दक्षता में सुधार किया जाएगा।