नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भोपाल नगर निगम ने शहर के प्रमुख विसर्जन स्थलों, कुंडों और घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। अनंत चतुर्दशी पर होने वाले विसर्जन को देखते हुए निगम ने क्रेन, पोकलेन मशीन, गोताखोर, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू वाहनों सहित बड़ी संख्या में संसाधन तैनात किए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए सात प्रमुख विसर्जन स्थलों पर 13 क्रेन, 12 पोकलेन मशीनें, 184 गोताखोर और 98 फायरकर्मी तैनात किए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने विसर्जन व्यवस्था को विसर्जन समाप्त होने तक व्यवस्थित बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल और प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है।
संबंधित जोन के कार्यपालन यंत्री, जोनल अधिकारी और सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
सात घाटों पर ऐसे हैं इंतजाम
प्रेमपुरा घाट: 4 क्रेन, 2 पोकलेन, अलग-अलग शिफ्ट में 46 गोताखोर और 24 फायरकर्मी।
रानी कमलापति घाट: 2 क्रेन, 2 पोकलेन, 36 गोताखोर और 12 फायरकर्मी।
बैरागढ़ विसर्जन घाट: 2 क्रेन, 2 पोकलेन, 18 गोताखोर और 12 फायरकर्मी।
खटलापुरा विसर्जन घाट: 1 क्रेन, 1 पोकलेन, 18 गोताखोर और 12 फायरकर्मी।
मालीखेड़ी विसर्जन घाट: 2 क्रेन, 2 पोकलेन, 12 गोताखोर और 11 फायरकर्मी।
हथाईखेड़ा विसर्जन घाट: 2 क्रेन, 2 पोकलेन, 36 गोताखोर और 13 फायरकर्मी।
शाहपुरा विसर्जन घाट: 1 पोकलेन, 18 गोताखोर और 13 फायरकर्मी।
लाइफ जैकेट, लाइफबॉय और पीए सिस्टम भी उपलब्ध
सभी प्रमुख विसर्जन घाटों पर फायर फाइटर और रेस्क्यू वाहन के साथ लाइफ जैकेट, लाइफबॉय, ट्यूब, रस्सी और कांटे सहित अन्य जीवनरक्षक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं देने और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रत्येक घाट पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। सूचना फ्लैक्स और ध्वनि विस्तारक यंत्र भी लगाए गए हैं।
घाटों और जुलूस मार्गों पर 1665 फ्लड लाइट
विसर्जन के दौरान रात में पर्याप्त रोशनी के लिए नगर निगम ने सात प्रमुख घाटों पर 1090 एलईडी फ्लड लाइट लगाई हैं। वहीं, विसर्जन जुलूस और चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट लगाई गई हैं। इस तरह घाटों और जुलूस मार्गों पर कुल 1665 एलईडी फ्लड लाइट से प्रकाश व्यवस्था की गई है।
सफाई और यातायात मार्गों की भी व्यवस्था
निगम द्वारा विसर्जन स्थलों और चल समारोह मार्गों पर साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत, बिजली के तारों का संधारण, पेड़ों की आवश्यकतानुसार कटाई-छंटाई और आवारा मवेशियों को हटाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विसर्जन स्थलों पर मूर्तियों के अवशेष तत्काल हटाए जाएं, ताकि घाटों पर सफाई बनी रहे और नई प्रतिमाओं के विसर्जन में परेशानी न हो।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए हैं।