भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की बनी फर्जी फेसबुक ID: जिला प्रशासन की अपील- भूलकर भी न दें मैसेज का जवाब
कलेक्टर कार्यालय ने नागरिकों से फेक प्रोफाइल को फॉलो या सब्सक्राइब नहीं करने और उसके किसी भी मैसेज का जवाब नहीं देने की अपील की है।
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 04:04:57 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 04:04:57 PM (IST)
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई। सौ- प्रशासनHighLights
- भोपाल कलेक्टर ‘प्रियंक मिश्रा IAS’ नाम से बनाई गई प्रोफाइल
- आईडी में अधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया
- नागरिकों से फेक प्रोफाइल को फॉलो या सब्सक्राइब न करने की अपील
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक फर्जी (फेक) आईडी बनाने का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस फेक आईडी को न तो फॉलो करें और न ही इसके किसी मैसेज का जवाब दें।
'प्रियंक मिश्रा IAS' नाम से बनाई प्रोफाइल
शातिर साइबर ठगों ने फेसबुक पर 'प्रियंक मिश्रा आईएस' नाम से यह फर्जी प्रोफाइल तैयार की है। लोगों को झांसे में लेने और प्रोफाइल को असली दिखाने के लिए इसमें कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के साथ अपर कलेक्टर सुमित पांडेय और जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी की तस्वीर (डीपी) लगाई गई है।
जिला प्रशासन ने जारी किया यह संदेश
कलेक्टर कार्यालय भोपाल के आधिकारिक हैंडल से मैसेज जारी कर नागरिकों को सतर्क किया गया है। संदेश में लिखा गया है-
"यह एक फेक प्रोफाइल है। कृपया इसे फॉलो या सब्सक्राइब न करें और इससे प्राप्त किसी भी संदेश का जवाब न दें। इस प्रोफाइल को तुरंत रिपोर्ट एवं ब्लॉक करें। - कलेक्टर कार्यालय भोपाल"
पूर्व कलेक्टर के नाम पर हुई थी ठगी
भोपाल में कलेक्टर के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को चूना लगाने का यह पहला मामला नहीं है। लगभग दो साल पहले भोपाल के तत्कालीन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम से भी फर्जी आईडी बनाई गई थी।
उस समय ठगों ने ग्रामीणों को 'संबल योजना' की राशि खाते में ट्रांसफर करने का झांसा देकर 3 हजार से 10 हजार रुपये तक की मांग की थी। फंदा जनपद क्षेत्र के 2-3 ग्रामीणों ने झांसे में आकर ठगों के खातों में रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल अब इस नई फेक आईडी बनाने वाले का पता लगाने में जुट गई है।