फर्जी IAS तृप्ति का वीडियो आया सामने; रौब दिखाने बुलवाती थी पुलिस बल, करती थी सरकारी दफ्तरों की जांच
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह खुद को अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालयों में पहुंचती थी और सुरक्षा के नाम पर पुलिस बल भी बुलवाती थी।
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 11:40:15 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 11:40:15 PM (IST)
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह। फाइल फोटो।HighLights
- खुद को अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालयों में पहुंचती थी
- रौब जमाने सुरक्षा के नाम पर पुलिस बल भी बुलवाती थी
- निरीक्षण करते फर्जी IAS तृप्ति का वीडियो आया सामने
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने और सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाली फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह ने अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल सरकारी दफ्तरों तक में किया।
वह खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचती थी। इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के नाम पर पुलिस बल भी बुलवाती थी।
पुलिस को मिला वीडियो
एक सरकारी दफ्तर में उसके निरीक्षण का वीडियो नवदुनिया के हाथ लगा है। इसमें उसके साथ पुलिसकर्मी भी नजर आ रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तृप्ति ने खुद को अधिकारी बताकर निरीक्षण के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराया था। अब पुलिस उससे इस निरीक्षण और संबंधित सरकारी कार्यालयों के संबंध में पूछताछ करेगी।
यूपीएससी अभ्यर्थी को फंसाया
करीब डेढ़ साल पहले तृप्ति अपने ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी की शिकायत लेकर पुलिस थाने पहुंची थी। यहां उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताया। इसी दौरान उसकी पहचान एक पुलिस अधिकारी के परिचित युवक से हुई, जो यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।
तृप्ति ने उसे सिविल सर्विस की तैयारी में मार्गदर्शन और मेंटरशिप देने का भरोसा दिया। इसके बाद संपर्क बढ़ाकर उसने युवक से करीब 39 लाख रुपये की ठगी कर ली। उसके दोस्त को भी करीब 48 लाख रुपये का शिकार बनाने का आरोप है।
सिविल सर्विस की सूची में भी छेड़छाड़
जांच में यह भी सामने आया है कि तृप्ति ने 2025 की सिविल सर्विस की अंतिम चयन सूची में कथित तौर पर छेड़छाड़ की। दूसरे अभ्यर्थी नमन गोयल के नाम की जगह अपना नाम दर्शाकर सूची को एडिट किया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर वह खुद को गोविंदपुरा एसडीएम बताने की कोशिश करती थी।
शादी के बाद शुरू हुआ खेल
बागमुगलिया निवासी तृप्ति की करीब पांच साल पहले बिल्डर अचल सिंह से दोस्ती हुई थी। आरोप है कि उसने खुद को आईएएस बताकर अचल से शादी की। ससुराल वालों पर प्रभाव जमाने के लिए वह ‘भारत सरकार’ लिखी कार का इस्तेमाल करती थी। बाद में इसी पहचान के जरिए नौकरी और कारोबार दिलाने का झांसा देकर लोगों से रकम लेने लगी।
तृप्ति के खिलाफ अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उसके भाई सुधांशु, प्रखर और ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी भी मामलों में आरोपित हैं और चारों जेल में बंद हैं।
फर्जी आईएएस प्रकरण में पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। तृप्ति ने अपनी फर्जी पहचान के आधार पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया था। इस संबंध में भी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।- संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर, भोपाल