भोपाल: सड़क हादसे में हुई थी बैंक अधिकारी की मौत, अब परिवार को मिलेगा ₹75.26 लाख का मुआवजा
भोपाल मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने बैंक अधिकारी मोहम्मद साजिद की सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में पत्नी, बेटे-बेटी और मां को कुल 75,26,368 रुपये देने का आदेश दिया है। राशि पर 9 मई 2025 से भुगतान तक छह प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज भी मिलेगा।
Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 02:15:15 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 02:15:15 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- भोपाल मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का फैसला
- बैंक अधिकारी मोहम्मद साजिद की सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
- बीमा कंपनी पीड़ित परिवार को देगी कुल 75,26,368 रुपये
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सड़क दुर्घटना में बैंक अधिकारी मोहम्मद साजिद की मौत के मामले में भोपाल मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने उनके परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया है। अधिकरण ने पत्नी, बेटे-बेटी और मां को कुल 75 लाख 26 हजार 368 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
इस राशि पर दावा पेश करने की तारीख 9 मई 2025 से भुगतान होने तक 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज भी मिलेगा। परिवार की ओर से अधिवक्ता आरके हिंगोरानी ने पैरवी की। अधिकरण के सदस्य जयंत शर्मा ने यह फैसला सुनाया।
सलामतपुर से भोपाल आते समय हुई थी दुर्घटना
प्रकरण के अनुसार, मोहम्मद साजिद पांच अप्रैल 2025 को मोटरसाइकिल से सलामतपुर से भोपाल आ रहे थे। भोपाल-विदिशा मार्ग पर सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र के चोपड़ा कला गांव में गोलू यादव की दूध डेयरी के सामने एक मिनी ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी।
गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी असमा, बेटे मोहम्मद शहजान, बेटी सिमरा और मां महमूदा खातून ने अधिकरण में 2 करोड़ रुपये मुआवजे और 18 प्रतिशत सालाना ब्याज की मांग करते हुए आवेदन दिया था।
बीमा कंपनी की दलीलें नहीं मानीं
बीमा कंपनी ने मुआवजे के दावे का विरोध करते हुए कहा था कि दुर्घटना के समय ट्रक चालक के पास वैध वाहन चालन अनुज्ञप्ति नहीं थी। कंपनी ने प्राथमिकी दर्ज होने में देरी पर सवाल उठाए और दुर्घटना के लिए मृतक की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया। हालांकि, गवाह के बयान और पुलिस जांच के आधार पर इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
पुलिस ने दुर्घटना के लिए संबंधित मिनी ट्रक को जिम्मेदार मानते हुए चालक के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया था। अधिकरण ने कहा कि बीमा कंपनी अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। मृतक की लापरवाही भी साबित नहीं हुई।
आय के आधार पर तय किया मुआवजा
दस्तावेजों के आधार पर मृतक की उम्र 51 वर्ष और वार्षिक आय 8 लाख 4 हजार 228 रुपये मानी। भविष्य में आय बढ़ने की संभावना के लिए इसमें 10 प्रतिशत राशि जोड़ी गई। इसके बाद व्यक्तिगत खर्च घटाकर और 11 का गुणक लगाकर परिवार की आर्थिक क्षति तय की गई।
इसमें 72 लाख 98 हजार 368 रुपये आर्थिक क्षति, 18 हजार रुपये अंतिम संस्कार, 18 हजार रुपये संपत्ति की क्षति और एक लाख 92 हजार रुपये परिवार को हुए भावनात्मक नुकसान के लिए शामिल किए गए।