MP में 166 ब्लड बैंकों पर FDA का बड़ा एक्शन: एक्सपायरी खून बांटने पर रीवा का सेंटर निरस्त, भोपाल के 4 पर गिरी गाज
न्यू भोपाल ब्लड सेंटर, सेवा ब्लड सेंटर, नवोदय कैंसर अस्पताल ब्लड सेंटर और लाइफ सेवर ब्लड सेंटर कार्रवाई की जद में आए। लाइफ सेवर की उत्पाद अनुमति एक्सप...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 09:56:13 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 09:56:13 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- मध्य प्रदेश में 166 ब्लड बैंकों पर औचक निरीक्षण में FDA की कार्रवाई
- एक्सपायरी डेट का खून बांटने और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन
- भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना, उज्जैन में कई ब्लड बैकों पर मिली अनियमितताएं
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में मरीजों के लिए सुरक्षित रक्ताधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने प्रदेश भर के 166 ब्लड बैंकों का औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है।
प्रदेश में कुल संचालित 199 ब्लड सेंटरों में से पाई गई गंभीर खामियों के आधार पर रीवा के एक सेंटर का लाइसेंस निरस्त किया गया है, तीन की उत्पाद अनुमति निलंबित हुई है और चार संस्थानों की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई गई है। इसके अलावा दो ब्लड बैंकों को सख्त चेतावनी जारी की गई है।
सामने आया नियमों का उल्लंघन
जांच में पाया गया कि रीवा स्थित मेसर्स श्री अथर्वन ब्लड सेंटर काम रोकने के आदेश के बावजूद संचालित हो रहा था और मरीजों को ब्लड यूनिट्स बांट रहा था, जिसके चलते इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
वहीं, दूसरे राज्यों से बिना अनुमति खून मंगाने और बल्क ट्रांसफर गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर भोपाल के न्यू भोपाल ब्लड सेंटर, सेवा ब्लड सेंटर और नवोदय कैंसर अस्पताल ब्लड सेंटर की गतिविधियों पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। रीवा के विंध्य ब्लड सेंटर पर भी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
एक्सपायरी ब्लड बांटने पर 90 दिन का सस्पेंशन
- सतना के एम.पी. बिड़ला अस्पताल और भोपाल के लाइफ सेवर ब्लड सेंटर द्वारा मरीजों को अवसान तिथि (एक्सपायरी डेट) बीत चुका ब्लड कंपोनेंट (पीआरबीसी) जारी करने पर दोनों की उत्पाद अनुमति 90 दिनों के लिए निलंबित की गई है।
- उज्जैन के सी.आर. गार्डी अस्पताल में जंग लगे उपकरण मिलने पर सात दिनों के लिए ब्लड कंपोनेंट निर्माण पर रोक लगाई गई है।
- इंदौर के औरोबिंदो और धार के मित्तल ब्लड सेंटर को रिकार्ड संधारण में कमी पर चेतावनी दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने स्पष्ट किया कि मानव रक्त औषधि की श्रेणी में आता है और मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सेंटरों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।