भोपाल में बिना लाइसेंस एंट्री शूटर्स को बेचे कारतूस, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया पर FIR
NRAI FIR Bhopal: भोपाल पुलिस ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के खिलाफ आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस की संयुक्त जांच टीम ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Jan 2026 11:29:48 AM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jan 2026 11:29:48 AM (IST)
HighLights
- भोपाल में बिना लाइसेंस एंट्री शूटर्स को बेचे कारतूस।
- नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया पर FIR
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल पुलिस ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (भारत में निशानेबाजी खेल को बढ़ावा देने, विकसित करने और नियंत्रित करने वाली शीर्ष संस्था) के खिलाफ आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने पाया कि एसोसिएशन ने भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान अंतरराष्ट्रीय और ख्याति प्राप्त शूटर्स को कारतूस तो बेचे, लेकिन नियमों के विरुद्ध उनकी प्रविष्टि शूटर्स के शस्त्र लाइसेंस में नहीं की।
बता दें कि संयुक्त जांच दल द्वारा प्रसिद्ध शूटर्स के हथियारों और दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के दौरान इस बड़े खेल का राजफाश हुआ। जांच में पाया गया कि शूटर असलम परवेज और सुलेम अली खान ने अपनी शूटिंग स्पर्धाओं में जितने कारतूसों का इस्तेमाल किया।
उनकी संख्या उनके लाइसेंस पर दर्ज संख्या से कहीं अधिक थी। जब शूटर्स से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि यह कारतूस उन्हें शूटिंग रेंज पर नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।
नियमों की उड़ाईं गई धज्जियां-आर्म्स एक्ट के मुताबिक, कारतूस विक्रय के मामले में नेशनल राइफल एसोसिएशन की भूमिका एक डीलर की तरह होती है। नियमानुसार, किसी भी शूटर को कारतूस देने पर उसकी जानकारी संबंधित शूटर के लाइसेंस पर दर्ज करना अनिवार्य है।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि नेशनल राइफल एसोसिएशन ने कई शूटर्स को बिना लाइसेंस एंट्री के ही अवैध रूप से कारतूस बेचे, जो सुरक्षा और कानून की दृष्टि से गंभीर लापरवाही है। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस-जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस ने नेशनल रायफल एसोसिएशन के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25(1) (बी) (1) और धारा 30 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि पिछले आयोजनों में इस तरह से कितने कारतूसों का हिसाब छिपाया गया है।