फर्जी जाति प्रमाण पत्र से CISF की नौकरी, आंध्र प्रदेश से भोपाल पहुंची केस डायरी, FIR दर्ज
सीआईएसएफ ने रघुराजनगर के एसडीओ और तहसीलदार से प्रमाणपत्र का सत्यापन कराया। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद 10 अगस्त 2026 को श्रीहरिकोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 03:28:27 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 03:37:31 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- फर्जी एसटी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने का मामला
- सत्यापन में खुला प्रमाणपत्र का फर्जीवाड़ा
- भोपाल के गोविंदपुरा थाने पहुंची केस डायरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । सीआईएसएफ में कांस्टेबल की नौकरी पाने के लिए एक युवक ने कथित तौर पर फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र का सहारा लिया। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर उसका चयन हुआ और वह नौकरी भी करने लगा। सीआईएसएफ ने जब प्रमाणपत्र का सत्यापन कराया तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
आंध्रप्रदेश से भोपाल पहुंचा केस
मामले में आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। अब इस मामले की केस डायरी भोपाल के गोविंदपुरा थाने पहुंची है। पुलिस के मुताबिक, सतना जिले के रघुराजनगर निवासी बंशीलाल पिता बहादुर सिंह का सीआईएसएफ में कांस्टेबल/जीडी के पद पर चयन हुआ था।
21 अक्टूबर 2023 को उसकी नियुक्ति हुई। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 17 सितंबर 2024 को उसने श्रीहरिकोटा स्थित सीआईएसएफ यूनिट में ज्वाइन किया।
फर्जी जाति प्रमाण-पत्र लगाया
भर्ती के दौरान उसने 3 जुलाई 2023 को जारी एसटी जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था। सीआईएसएफ ने प्रमाणपत्र की जांच सतना जिले के रघुराजनगर एसडीओ और तहसीलदार से कराई।
सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद सीआईएसएफ के क्राइम एंड इंटेलिजेंस विंग के निरीक्षक ने 10 अगस्त 2026 को श्रीहरिकोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामले की केस डायरी गोविंदपुरा थाने भेज दी।