
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) को कई बस संचालकों द्वारा पार्किंग और गैरेज की इस्तेमाल किया ज रहा है। बस स्टैंड परिसर में खड़ी आठ बसों में आग लगने की घटना के बाद अब नगर निगम ने लंबे समय से परिसर में खड़ी गैर-संचालित बसों को हटाने की तैयारी कर ली है। इनके संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और जुलाई से अब तक का किराया भी वसूला जाएगा।
दरअसल, आइएसबीटी परिसर में एक समय में 84 बसों की जगह है, लेकिन यहां बसों को सिर्फ यात्रियों को उतारने और बैठाने के साथ सीमित समय तक रुकने की अनुमति है। इसके बावजूद कई बसें परिसर में कई दिन से स्थायी रूप से खड़ी की जा रही हैं और उनकी मरम्मत भी यहीं होती रहती है। मंगलवार को निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आइएसबीटी का निरीक्षण कर बसों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।
निगमायुक्त ने कहा कि बसों को सवारी बैठाने एवं उतारने के दौरान रुकने दिया जाए। हम आइएसबीटी को पार्किंग स्थल अथवा गैरेज नहीं बनने दे सकते। निगम अधिकारियों के अनुसार, कुछ बसें लंबे समय से परिसर में खड़ी हैं और उनका संचालन नहीं हो रहा है। ऐसी बसों को हटाने के लिए संबंधित संचालकों को नोटिस दिए जाएंगे। नियमित रूप से चलने वाली बसों को यात्रियों को उतारने और बैठाने के लिए निर्धारित समय तक ही परिसर में रुकने की अनुमति होगी।
निरीक्षण के दौरान चार बसों के लंबे समय से बस स्टैंड परिसर में ही खड़े होने की जानकारी सामने आई। निगम अधिकारियों ने बताया कि एमपी-04-पी-0297, एमपी-04-ए-3753, एमपी-04-एई-3073 और एमपी-04-ईए-4345 जुलाई माह से आइएसबीटी परिसर में खड़ी हुई हैं।
अब नगर निगम इन बसों को परिसर में खड़ा रखने पर जुलाई से अभी तक का किराया वसूलने और इन्हें हटाने की तैयारी में है। वर्मा ट्रेवल्स के मैनेजर से भी इस संबंध में चर्चा की गई। निगम ने आइएसबीटी से संचालित अन्य ट्रेवल्स एजेंसियों के संचालकों के साथ बैठक करने की बात कही है।
आइएसबीटी परिसर में आग बुझाने के लिए अभी सुविधाएं नहीं हैं। जबकि यहां निचले हिस्से में बसों की आवाजाही होती है और ऊपर की मंजिलों पर पंजीयन कार्यालय, नगर निगम का परिषद हाल सहित अन्य कार्यालय है। ऐसे में बसों में आग लगने पर धुआं और लपटें ऊपर तक पहुंच सकती हैं। इसे देखते हुए निगम द्वारा फायर हाइड्रेंट की स्थापना की जाएगी। विद्युत वायरिंग की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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आइएसबीटी परिसर में जिस स्थान पर बसों में आग लगी थी, वहीं पास ही में स्मार्ट सिटी की साइकिल और ई-बाइसाइकिल भी खड़ी हुईं थीं। निगमायुक्त ने साइकिलों और ई-बाइसाइकिलों की जानकारी भी ली और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल पर इनका संचालन कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे स्वयं साईकिलों व ईव्ही बाइसाइकिल का स्वयं परीक्षण करेंगे।
आइएसबीटी परिसर में फायर हाइड्रेंट की स्थापना की जाएगी। बसों को स्थायी रूप से खड़े नहीं होने दिया जाएगा। स्थायी रूप से खड़ी बसों को हटाया जाएगा। साथ ही जुलाई से खड़ी चार बसों से किराये भी वसूला जाएगा।- रामप्रकाश अहिरवार, आयुक्त, नगर निगम