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भोपाल के बाद MP के अन्य बड़े शहरों में अटका मास्टर प्लान, 2021 में खत्म हो चुकी है इंदौर-जबलपुर-ग्वालियर की समय सीमा

मास्टर प्लान न होने से इन शहरों का अनियोजित विकास हो रहा है। एनजीटी सहित अन्य न्यायालयों में शहरों के विकास से जुड़े कई प्रकरण विचाराधीन हैं। सरकार का...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 05:11:12 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 05:11:12 PM (IST)
भोपाल के बाद MP के अन्य बड़े शहरों में अटका मास्टर प्लान, 2021 में खत्म हो चुकी है इंदौर-जबलपुर-ग्वालियर की समय सीमा
भोपाल के बाद MP के अन्य बड़े शहरों में अटका मास्टर प्लान (AI तस्वीर)

HighLights

  1. स्थानीय राजनीति और अन्य हितधारकों के दबाव में अटका प्रमुख शहरों का मास्टर प्लान
  2. इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर का मास्टर प्लान वर्ष 2021 से अटका
  3. जबलपुर के मास्टर प्लान प्लान के अवधि भी वर्ष 2008 से शुरू होकर वर्ष 2021 तक के लिए थी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भले ही 20 वर्ष बाद भोपाल मास्टर प्लान प्लान (विकास योजना) का ड्राफ्ट लागू कर दिया गया हो, लेकिन अन्य शहरों के लिए ऐसी स्थिति नहीं बनी है। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों का मास्टर प्लान स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और हितधारकों के दबाव में अटका हुआ है। यह हितधारक बिल्डर, कालोनाइजर हैं और दूसरी ओर हैं शासकीय एजेंसियां।

इसी तरह सागर, सतना और रीवा के पुराने मास्टर प्लान के समय सीमा भी पूरी हो चुकी हैं। सागर और उज्जैन के मास्टर प्लान तैयार किए जा चुके हैं लेकिन इन्हें विजन-2047 के तहत अपडेट किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे का कहना है कि प्रदेश के अन्य शहरों का मास्टर प्लान जल्द लाया जाएगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। बता दें, समय सीमा स्पष्ट नहीं की गई है।


सरकार ने दिया तर्क

मास्टर प्लान न होने से इन शहरों का अनियोजित विकास हो रहा है। एनजीटी सहित अन्य न्यायालयों में शहरों के विकास से जुड़े कई प्रकरण विचाराधीन हैं। सरकार का तर्क है कि जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपालिटन रीजन के रूप में विकसित करने के सरकारी तैयारी है।

ऐसे में इन शहरों के लिए सिर्फ शहरी सीमा नहीं, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों को जोड़कर लैंड यूज, ट्रांसपोर्ट, रिंग रोड, आवास, उद्योग, ड्रेनेज और ग्रीन एरिया का दीर्घकालिक प्लान बनाया जाना प्रक्रियाधीन है।

यह भी पढ़ें- दीवाली से पहले इंदौर की जनता को राहत... मास्टर प्लान रोड पर 31 अक्टूबर से शुरू होगा ट्रैफिक, दौड़ेंगी गाड़ियां

इंदौर का पिछला मास्टर प्लान एक जनवरी, 2008 से लागू हुआ था। समय अवधि 31 मार्च 2021 को समाप्त हो गई। जबलपुर के मास्टर प्लान प्लान के अवधि भी वर्ष 2008 से शुरू होकर वर्ष 2021 तक के लिए थी। ग्वालियर के लिए इससे पहले मास्टर प्लान 2005 और उसके बाद संशोधित मास्टर प्लान 2021 प्रभावी था, जिसकी अवधि वर्ष 2021 में समाप्त हो गई।