
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा को पत्र लिखकर पुलिस सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पूर्व में दिए गए पत्रों का हवाला देते हुए डीजीपी को एक स्मरण-पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने खुद पर जानलेवा हमले की आशंका जताई है।
डबास ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर 'आदिवासियों की आवाज' नामक एक फेसबुक पेज के माध्यम से उनके खिलाफ भड़काऊ, आपत्तिजनक और घटिया पोस्टर-टिप्पणियां पोस्ट की जा रही हैं। इस फेसबुक पेज पर डाली गई कुछ कथित भड़काऊ पोस्टों की छायाप्रति भी साक्ष्य के तौर पर संलग्न की गई है।
पत्र में डबास का दावा है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह व कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को उठाया है। डबास ने आशंका जताई कि इन शिकायतों के बाद से ही उन पर प्रदेश के अंदर या बाहर कभी भी और कहीं भी हिंसक या घातक हमला हो सकता है।
डबास ने यह भी आरोप लगाया कि सीहोर वनमंडल की लाड़कुई रेंज के कोसमी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर आदिवासियों को उकसाया जा रहा है। स्थानीय आदिवासियों को उनके खिलाफ हिंसक हमले के लिए भड़काया जा रहा है। इस कारण उनकी सुरक्षा पर खतरा काफी बढ़ गया है।
डबास ने लिखा है कि पिछले ढाई माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस विभाग द्वारा उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही उन्हें मुलाकात का समय दिया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस सुरक्षा के अभाव में उन पर कोई जानलेवा हमला होता है, तो इसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। डबास ने डीजीपी की सेवानिवृत्ति की तिथि 30 नवंबर 2026 से पहले उनसे इस विषय पर उचित निर्णय लेकर अवगत कराने का अनुरोध किया है।
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