एमपी में जल्द शुरू होंगे 4 नए रेलवे स्टेशन! पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार तक पहुंचेगी रेल
मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश के रेल मानचित्र पर चार नए रेलवे स्टेशन पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार जु...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 05:33:13 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 05:33:13 PM (IST)
एमपी में जल्द शुरू होंगे 4 नए रेलवे स्टेशनHighLights
- MP को मिलेंगे 4 नए रेलवे स्टेशन- पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार
- 28-29 अक्टूबर को प्रस्तावित CRS निरीक्षण के बाद शुरू होगी ट्रेनें
- धार स्टेशन पर दिखेगी मांडू और जिले की सांस्कृतिक पेंटिंग्स
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही से धार के बीच 46 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस नए रेल मार्ग के शुरू होने के साथ ही प्रदेश के रेल मानचित्र पर चार नए रेलवे स्टेशन पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार जुड़ने जा रहे हैं।
रेलवे निर्माण विभाग ने इस पूरे रूट और चारों नए स्टेशनों के औपचारिक निरीक्षण के लिए 'कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी' (CRS) को पत्र भेजकर 28 और 29 अक्टूबर की तारीख प्रस्तावित की है। सीआरएस से हरी झंडी मिलते ही इन चारों स्टेशनों पर पहली बार पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों की सीटी गूंजेगी।
धार को मिलेगी नई पहचान: स्टेशन पर दिखेगी जिले की समृद्ध संस्कृति
इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे खास धार रेलवे स्टेशन को बनाया गया है। धार जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखते हुए स्टेशन भवन को बेहद आकर्षक और आधुनिक रूप दिया जा रहा है।
- सांस्कृतिक चित्रकारी: स्टेशन की दीवारों और परिसरों में सुंदर पेंटिंग्स के जरिए धार की प्राचीन कला, मांडू के ऐतिहासिक किलों और स्थानीय विशेषताओं को उकेरा गया है।
- पर्यटन को बढ़ावा: इससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर उतरते ही धार की सांस्कृतिक पहचान की झलक मिलेगी, जिससे स्थानीय पर्यटन और हस्तशिल्प (जैसे बाग प्रिंट) को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
औद्योगिक और ग्रामीण इलाकों को सीधा फायदा
इन चार नए रेलवे स्टेशनों के चालू होने से मालवा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा...
- पीथमपुर स्टेशन: भारत के प्रमुख 'डेट्रॉइट' कहे जाने वाले पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के लाखों श्रमिकों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे माल ढुलाई और दैनिक यात्रियों का आवागमन सुगम होगा।
- सागौर और गुणावद स्टेशन: इन दोनों मध्यवर्ती स्टेशनों के बनने से आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों और आम नागरिकों को इंदौर और धार जैसे बड़े शहरों से जुड़ने का सस्ता और त्वरित साधन मिलेगा।
- धार स्टेशन: वर्षों से रेल नेटवर्क से कटे धार जिला मुख्यालय को आखिरकार सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
सुरक्षा और तकनीक: प्रदेश की सबसे लंबी टनल से जुड़ेंगे स्टेशन
टीही से धार के बीच बने इन चार स्टेशनों का सफर बेहद सुरक्षित और हाइटेक होगा। इस रूट पर टीही और पीथमपुर के बीच 2.976 किलोमीटर लंबी प्रदेश की सबसे बड़ी रेलवे टनल बनाई गई है।
- बैलास्टलेस ट्रैक: टनल के भीतर कंपन कम करने के लिए कंक्रीट बेस पर बैलास्टलेस (बिना गिट्टी वाला) ट्रैक बिछाया जा रहा है।
- 140 CCTV और SOS सिस्टम: यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरी टनल में 140 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और आपातकालीन एसओएस (SOS) कॉल बॉक्स लगाए गए हैं, जिनका कंट्रोल रूम पीथमपुर स्टेशन पर रहेगा।
28 और 29 अक्टूबर को प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण के बाद रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रेन संचालन की समय-सारणी जारी की जाएगी, जिसके साथ ही धार और पीथमपुर क्षेत्र के निवासियों का दशकों पुराना रेल सपना साकार हो जाएगा।
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