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MP में महंगाई के दौर में मजाक! पांच रुपये में 4 रोटी और ₹2 में सलाद, 8 साल से नहीं बढ़ा अस्पतालों में भोजन का बजट

MP News: प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में जहां बड़े अधिकारी दिनभर में 40 से 60 रुपये का बोतल बंद पानी पी जाते हैं, तो अस्पतालों में रोगियों के भोजन के ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 03 Jan 2026 07:37:34 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Jan 2026 07:37:34 PM (IST)
MP में महंगाई के दौर में मजाक! पांच रुपये में 4 रोटी और ₹2 में सलाद, 8 साल से नहीं बढ़ा अस्पतालों में भोजन का बजट
8 साल से नहीं बढ़ा अस्पतालों में भोजन का बजट। (AI जेनेरेटेड)

HighLights

  1. 11 वर्ष में दोगुना तक बढ़ी महंगाई
  2. नहीं बढ़ा अस्पतालों में भोजन का बजट
  3. मरीज का दिनभर का खाना मात्र ₹48 में

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में जहां बड़े अधिकारी दिनभर में 40 से 60 रुपये का बोतल बंद पानी पी जाते हैं, तो अस्पतालों में रोगियों के भोजन के लिए सरकार एक समय का मात्र 24 रुपये ही दे रही है। इसमें नाश्ता और भोजन दोनों शामिल हैं। वर्ष 2014 तक रोगियों के भोजन का बजट प्रतिदिन 40 रुपये था, जिसे 2017 में 48 रुपये किया गया। तब से बढ़ोतरी नहीं की गई। इतनी ही राशि में दूध, फल और पौष्टिक भोजन देने का दावा किया जाता है, पर जिस तरह से महंगाई बढ़ी है उससे समझा जा सकता है कि रोगियों को भोजन कैसा मिल रहा होगा।

आठ साल से नहीं बढ़ा बजट

पिछले आठ वर्ष से बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि कच्चे माल जैसे दाल, चावल तेल आदि की कीमतें दो से तीन गुना तक बढ़ गई हैं। रेट लिस्ट में उल्लेखित दरें हास्यास्पद हैं। दो रुपये में एक कटोरी सलाद और पांच रुपये में चार रोटी देने की बात मेन्यू में लिखी है। दूध 68 रुपये लीटर मिल रहा है, पर मेन्यू में 10 रुपये में 250 एमएल दूध और चार बिस्कुट देने की बात है। ऐसे अन्य सामग्री की दरों को जोड़ते हुए 48 रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें भी रोगियों को भोजन उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार कमाई कर रहा होगा तो सच्चाई में रोगी के खाने पर कितने रुपये खर्च किए जा रहे हैं, यह कहने की आवश्यकता नहीं है।


सीएचसी, सिविल अस्पताल, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज सभी जगह यही स्थिति है। शासकीय आयुर्वेद और होम्योपैथी अस्पतालों में भी यही दरें हैं। रोगी वैसे ही हैं, पर एम्स में खाने का बजट 150 रुपये प्रतिदिन है। वहीं गुजरात में 120 रुपये और राजस्थान में 78 रुपये निर्धारित है। मध्य प्रदेश में कैदियों के भोजन पर 60 से 70 रुपये खर्च किए जाते हैं।

दो वर्ष से फाइलें ही चल रहीं

सरकार में कई निर्णय तो मिनटों में हो जाते हैं पर रोगियों के भोजन के बजट की फाइल दो वर्ष से अधिक समय से चल रही है। दो वर्ष पहले बजट बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिदिन करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य संचालनालय की तरफ से भेजा गया, जिसे वित्त विभाग ने अस्वीकृत कर दिया। उसके बाद दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है। स्वास्थ्य संचालक (अस्पताल प्रशासन) मयंक अग्रवाल ने बताया कि फिर से प्रस्ताव शासन को भेजा है। दूसरे राज्यों में रोगियों के भोजन के बजट की जानकारी भी एकत्र कर शीघ्र शासन को भेजी जाएगी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार बढ़ी महंगाई के आधार पर निर्णय होगा।

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राशि का प्रविधान

समय - सामग्री - निर्धारित मात्रा - राशि

सुबह का नाश्ता - दूध के साथ पोहा, उपमा या ग्रेड - 250 एमएल - 10 रुपये

दोपहर का भोजन - सलाद - एक कटोरी (50 ग्राम) - दो रुपये

रोटी - चार नग (120 ग्राम) - पांच रुपये

हरी सब्जी - एक कटोरी (100 ग्राम) - पांच रुपये

दाल - एक कटोरी (30 ग्राम) - पांच रुपये

नमकीन दलिया - एक कटोरी (100 ग्राम) - तीन रुपये

शाम का नाश्ता - चाय एवं बिस्कुट - 125 एमएल, चार नग - तीन रुपये

रात्रि भोजन - रोटी - चार नग (120 ग्राम) - पांच रुपये

हरी सब्जी - एक कटोरी (100 ग्राम) - पांच रुपये

दाल - एक कटोरी (30 ग्राम) - पांच रुपये

योग - 48 रुपये