
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। खरगोन के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बिष्टान नाके पर शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब आदिवासी समाज के लोगों ने चित्तौड़गढ़-भुसावल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने एक यात्री बस और शासकीय शराब दुकान पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
यह पूरा विवाद 15 दिन पुरानी एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि 15 दिन पूर्व शराब ठेकेदार के कर्मचारियों के वाहन ने एक युवक को टक्कर मार दी थी। युवक की हालत गंभीर है और उसके उपचार में अब तक करीब 15 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इसी उपचार राशि (मुआवजे) की मांग को लेकर समाज के लोग हाईवे पर उतरे थे।

चक्काजाम के दौरान भीड़ हिंसक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने वहां से गुजर रही एक यात्री बस को निशाना बनाते हुए उस पर पथराव कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ पास ही स्थित शासकीय शराब दुकान की ओर भी बढ़ी और वहां भी पत्थरबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) किया और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने इस मामले में तीन से चार संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है।

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घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन, एसडीओपी रोहित लखारे और टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ बिष्टान नाके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और कड़ी मशक्कत के बाद चक्काजाम समाप्त कराकर यातायात बहाल करवाया। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।