भोपाल से चल रहा था 'म्यूल अकाउंट' का बड़ा नेटवर्क: ग्रामीणों के बैंक खाते किराए पर लेकर साइबर ठगों को बेचता था गिरोह
राजगढ़ का आरोपी करतार सिंह ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को किराये पर उपलब्ध कराता था, जिनमें देशभर की ठगी की रकम जमा होती थी।
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 04:52:52 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 04:52:52 PM (IST)
फोटो, एआई से तैयार की गई है।HighLights
- साइबर नेटवर्क का सरगना राजगढ़ निवासी है करतार सिंह
- बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को किराये पर देता था
- बैंक के खातों में देशभर की ठगी की रकम जमा होती थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । हमीदिया अस्पताल की डॉक्टर से ऑनलाइन गेमिंग लिंक के जरिए हुई साइबर ठगी की जांच में पुलिस के सामने साइबर अपराध का बड़ा नेटवर्क खुलकर सामने आया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि भोपाल में बैठकर ग्रामीणों के सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए और उन्हें साइबर ठगों को किराये पर उपलब्ध कराया जाता था।
इन खातों के जरिए देशभर में ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी। प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर गिरोह कुल छह प्रतिशत कमीशन वसूलता था। इसमें तीन प्रतिशत रकम खाताधारकों और स्थानीय नेटवर्क के लिए, जबकि तीन प्रतिशत मुख्य एजेंट अपने पास रखता था।
कोहेफिजा थाना पुलिस ने इस मामले में राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी करतार सिंह को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में वह भोपाल के इंद्रपुरी इलाके में रह रहा था और यहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
पुलिस के अनुसार करतार ने राजस्थान में सक्रिय साइबर ठगों से सीधा संपर्क बना रखा था और उनके लिए म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करता था।
राजस्थान से आते थे एजेंट, भोपाल से समेटते थे ठगी की रकम
पुलिस जांच में सामने आया है कि राजस्थान के जालसाज देशभर में साइबर ठगी करने के बाद रकम सीधे भोपाल के इन बैंक खातों में डलवाते थे। इसके बाद गिरोह के एजेंट महेश बिश्नोई और विकास पुनिया भोपाल पहुंचते, खाताधारकों से नकदी निकलवाते और पूरी रकम इकट्ठा कर राजस्थान ले जाते थे। रकम का कुछ हिस्सा कैश डिपाजिट मशीन (सीडीएम) के जरिए भी सरगना तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस इससे पहले जोधपुर निवासी महेश बिश्नोई, जो बी-फार्मा का छात्र है, और विकास पुनिया को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों की निशानदेही पर ही करतार सिंह तक पुलिस पहुंची।
10 खातों की पासबुक और एटीएम बरामद
करतार सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से 10 बैंक खातों की पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह केवल नेटवर्क का एक हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने भोपाल और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के नाम पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई ग्रामीणों को खाते खुलवाने के बदले मामूली रकम का लालच दिया जाता था। रिमांड पर लेकर खंगाल रही पूरी चेनपुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय से रिमांड पर लिया है।
अब उनके मोबाइल फोन, बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल रिकार्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भोपाल में और कौन-कौन लोग म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने के इस नेटवर्क से जुड़े हैं तथा ठगी की रकम किन-किन खातों से होकर गुजरी।