
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुग्ध उत्पादन और गौ-संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु राज्य के सभी 313 विकासखंडों (ब्लॉक्स) में विकसित किए जा रहे 'वृंदावन ग्रामों' में गौपालक प्रतियोगिता का आयोजन रहा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश के पशुपालकों को प्रोत्साहित करना और मध्य प्रदेश को 'श्वेत क्रांति 2.0' का अगुवा बनाना है।
वृंदावन ग्रामों में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता के तहत उत्कृष्ट गौपालकों को नगद पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गौपालक को ₹1 लाख, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को ₹50 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को ₹25 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर पशुपालकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार आएगा।
#मध्यप्रदेश में मिल रहा गौपालन को प्रोत्साहन प्रदेश के प्रत्येक वृंदावन ग्राम में आयोजित होगी उत्कृष्ट गौपालक प्रतियोगिता @DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh #JansamparkMP https://t.co/RDFqthe1bY
— Jansampark MP (@JansamparkMP) October 11, 2026
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने गौवंश संरक्षण और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 'डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना' का भी उल्लेख किया। इस योजना के अंतर्गत यदि कोई पशुपालक ₹40 लाख का ऋण लेकर 25 गायों का पालन करता है, तो सरकार उसे ₹10 लाख की सब्सिडी प्रदान कर रही है।
इसके साथ ही, शहरी क्षेत्रों की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगर निगम सीमा में स्थित गौशालाओं का शासकीय अनुदान प्रति गाय ₹20 से बढ़ाकर सीधे ₹40 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की लगभग 3,500 गौशालाओं में 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि मध्य प्रदेश देश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य बने।
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