नईदुनिया, प्रतिनिधि भोपाल। ट्रेन छूटने से कुछ मिनट पहले जनरल टिकट लेने के लिए काउंटर पर लगने वाली लंबी कतार से यात्रियों को जल्द राहत मिलने वाली है। भोपाल मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों पर स्टेशन परिसर में ही मोबाइल के जरिए जनरल यानी अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए 34 एम-यूटीएस सहायक रखे जाएंगे, जो मोबाइल फोन और ब्लूटूथ प्रिंटर की मदद से मौके पर टिकट जारी करेंगे।
यह सुविधा भोपाल, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, इटारसी और बीना स्टेशन पर उपलब्ध होगी। भोपाल स्टेशन पर 10 एम-यूटीएस सहायक रहेंगे, जबकि रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, इटारसी और बीना स्टेशन पर 6-6 सहायक तैनात किए जाएंगे।
क्या है एम-यूटीएस सहायक व्यवस्था
बिना आरक्षण टिकट के लिए रेलवे ने तकनीक आधारित एम-यूटीएस व्यवस्था शुरू की है। प्रशिक्षित सहायक मोबाइल और ब्लूटूथ प्रिंटर से स्टेशन परिसर में यात्रियों को मौके पर ही जनरल टिकट जारी करेंगे।
इससे काउंटर पर जाने और कतार में लगने की जरूरत नहीं होगी।
ट्रेन के समय बढ़ जाती है काउंटर पर भीड़
जनरल टिकट लेने वाले यात्रियों की सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है, जब ट्रेन के रवाना होने का समय नजदीक होता है। एक साथ बड़ी संख्या में यात्री टिकट लेने के लिए काउंटर पर पहुंचते हैं।
इससे कतार लंबी हो जाती है और यात्रियों को टिकट लेने के साथ समय पर ट्रेन पकड़ने की चिंता भी रहती है। कई बार काउंटर की भीड़ के कारण यात्रियों का काफी समय टिकट लेने में ही निकल जाता है।
स्टेशन परिसर में ही मिलेगा टिकट
एम-यूटीएस सहायक यात्रियों के बीच जाकर टिकट उपलब्ध कराएंगे। इससे यात्रियों को टिकट काउंटर तक पहुंचने और वहां लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। व्यवस्था से टिकट जारी करने में लगने वाला समय कम होने के साथ काउंटरों पर भीड़ का दबाव घटाने में भी मदद मिलेगी।
डिजिटल माध्यम और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने से खुले पैसे की समस्या भी कम होने की उम्मीद है। आसानी से टिकट उपलब्ध होने से बिना टिकट यात्रा के मामलों में भी कमी आ सकती है।
रिटायर कर्मचारियों को मिलेगा काम
एम-यूटीएस सहायक के रूप में आम नागरिक और सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी काम कर सकेंगे। आम नागरिकों के लिए एक लाख और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 20 हजार रुपये सुरक्षा जमा राशि है। दोनों के लिए 10 हजार रुपये ईएमडी (बयाना राशि) तय है। टिकट जारी करने पर सहायकों को कमीशन मिलेगा।