
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक संबल प्रदान करने और डेयरी उद्योग के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य कैबिनेट ने 2,973 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के विशेष पैकेज को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन, संकलन और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) क्षमता का विस्तार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार स्वीकृत कुल राशि में से केवल दूध प्रसंस्करण क्षमता को आधुनिक बनाने और बढ़ाने के लिए 1,547 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है।
सरकार ने अगले पांच वर्षों के भीतर प्रदेश में सहकारी दुग्ध समितियों के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में जहां सहकारी दुग्ध समितियों का दायरा केवल 7,331 गांवों तक सीमित है, वहीं योजनाबद्ध तरीके से इसे बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक ले जाया जाएगा।
इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे और सीमांत दुग्ध उत्पादक किसानों को सीधे सहकारी नेटवर्क से जोड़कर उनके उत्पादों का सही मूल्य दिलाना आसान होगा।
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कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई इस दूरगामी योजना के तहत डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं: