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एमपी के 26 हजार गांवों के लिए खुशखबरी... गांव-गांव तक फैलेगा सहकारी डेयरी नेटवर्क, ₹2,973 करोड़ की योजना मंजूर

प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक संबल प्रदान करने और डेयरी उद्योग के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य कैबिनेट ने 2,973 करोड़ रुपय...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 04:58:02 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 05:00:40 PM (IST)
एमपी के 26 हजार गांवों के लिए खुशखबरी... गांव-गांव तक फैलेगा सहकारी डेयरी नेटवर्क, ₹2,973 करोड़ की योजना मंजूर
डेयरी क्षेत्र को मोहन कैबिनेट का तोहफा।

HighLights

  1. डेयरी क्षेत्र को मोहन कैबिनेट का तोहफा
  2. ₹2,973 करोड़ की योजना की गई मंजूर
  3. 26,00 गांवों तक फैलेगा सहकारी नेटवर्क

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक संबल प्रदान करने और डेयरी उद्योग के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य कैबिनेट ने 2,973 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के विशेष पैकेज को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन, संकलन और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) क्षमता का विस्तार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार स्वीकृत कुल राशि में से केवल दूध प्रसंस्करण क्षमता को आधुनिक बनाने और बढ़ाने के लिए 1,547 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है।

26 हजार गांवों तक पहुंचेगी सहकारी दुग्ध समितियां

सरकार ने अगले पांच वर्षों के भीतर प्रदेश में सहकारी दुग्ध समितियों के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में जहां सहकारी दुग्ध समितियों का दायरा केवल 7,331 गांवों तक सीमित है, वहीं योजनाबद्ध तरीके से इसे बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक ले जाया जाएगा।


इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे और सीमांत दुग्ध उत्पादक किसानों को सीधे सहकारी नेटवर्क से जोड़कर उनके उत्पादों का सही मूल्य दिलाना आसान होगा।

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संकलन, प्रसंस्करण और बिक्री क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का लक्ष्य

कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई इस दूरगामी योजना के तहत डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:

  • दूध संकलन क्षमता: दूध के दैनिक एकत्रीकरण की क्षमता को वर्तमान 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।
  • प्रसंस्करण क्षमता: दूध की प्रोसेसिंग क्षमता को मौजूदा 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाया जाएगा।
  • पैकेट दूध की बिक्री: उपभोक्ताओं तक शुद्ध दूध पहुंचाने के लिए पैकेटबंद दूध की दैनिक बिक्री को 7 लाख लीटर से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन करने का विजन तैयार किया गया है।