भोपाल: फर्जी नाम से शिकायतें भेजकर साजिश रचने वाली महिला इंस्पेक्टर बर्खास्त, GRP में बड़ा एक्शन
जीआरपी में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक बबीता कठेरिया को गंभीर अनुशासनहीनता के मामले में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
Publish Date: Fri, 30 Oct 2026 12:05:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 30 Oct 2026 12:05:43 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- जीआरपी में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक बबीता कठेरिया बर्खास्त
- अनुशासनहीनता और झूठी शिकायतें करने का आरोप
- वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जीआरपी में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक बबीता कठेरिया को गंभीर अनुशासनहीनता के मामले में सेवा से हटा दिया गया है। विभागीय जांच में उन पर लगे तीनों आरोप सही पाए गए। आरोप है कि उन्होंने इटारसी और भोपाल के जीआरपी थाना प्रभारियों के खिलाफ दूसरे लोगों के नाम और पते का इस्तेमाल कर शिकायतें भेजीं।
विभाग के अनुसार, इन शिकायतों के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की गई। जांच में दोषी पाए जाने और पुराने सेवा रिकार्ड को देखते हुए विभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है।
शिकायत के बाद एक्शन
विभागीय जांच के अनुसार, बबीता कठेरिया पर आरोप था कि उन्होंने इटारसी जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे के खिलाफ दो शिकायतें भेजीं। पहली शिकायत 26 अगस्त 2025 को पवन कुमार गुप्ता के नाम से और दूसरी छह सितंबर 2025 को श्यामलाल मीणा के नाम से भेजे जाने का आरोप है।
दोनों शिकायतें भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक स्थित डाकघर से भेजी गई थीं। इसी तरह, भोपाल जीआरपी थाना प्रभारी जहीर खान के खिलाफ 28 अगस्त 2025 को रामलाल सिंह के नाम से शिकायत भेजने का आरोप लगाया गया।
अधिकारियों को गुमराह किया
जांच में कहा गया कि इन शिकायतों में एक जैसी लिखावट थी और शिकायतकर्ताओं के नाम व पते का गलत इस्तेमाल किया गया था। विभाग का आरोप है कि इन शिकायतों के जरिए दोनों थाना प्रभारियों को उनके पद से हटवाकर स्वयं वहां पदस्थ होने की कोशिश की गई। जांच में इसे पुलिस विभाग के नियमों के खिलाफ माना गया।
विभागीय आदेश के अनुसार, बबीता कठेरिया को पहले भी कई बार दंडित किया जा चुका था, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। विभाग ने माना कि उनके आचरण का दूसरे पुलिसकर्मियों के अनुशासन पर भी बुरा असर पड़ रहा था।
पुलिस की वर्दी पहनने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी अपनी मर्जी से काम करे। किसी अनुशासनहीन कर्मचारी को नौकरी में बनाए रखने से पूरे पुलिस बल पर बुरा असर पड़ता है। जीआरपी थाना प्रभारियों सुबह-शाम पुलिसकर्मियों की बैठक लें, नियमित अभ्यास कराने और उसकी वीडियो रिकार्डिंग अपलोड करें। - राजा बाबू सिंह, डीजी, रेलवे