
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भोपाल के एक व्यापारी का जीएसटी खाता हैक कर 8,09,81,305 रुपये के 989 फर्जी इनवॉइस चढ़ाने और करीब 1.46 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का प्रयास करने के मामले में दिल्ली के बसंत कुमार श्रीवास्तव उर्फ बसंत कुमार गौर व अन्य के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपित ने व्यापारी की जानकारी के बिना उसके जीएसटी खाते का पासवर्ड बदला, दूसरी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर जोड़े और फरवरी 2026 का GSTR-1 रिटर्न उसके नाम से फाइल कर दिया। शिकायतकर्ता भोपाल में प्रोप्राइटरशिप फर्म चलाते हैं, जिसका जीएसटी पंजीयन 19 जून 2025 को हुआ था।
21 फरवरी को व्यापारी के पंजीकृत मोबाइल पर पासवर्ड बदलने और रिटर्न फाइलिंग के चार संदेश आए, जबकि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया था। 24 फरवरी को लॉगिन करने पर "इनवेलिड यूजरनेम ओर पासवर्ड" दिखा।
27 फरवरी को जीएसटी ग्रीवांस पोर्टल पर शिकायत और जीएसटी कार्यालय की मदद से खाता खुला, तो सामने आया कि राजगढ़ जिले और भोपाल की सात फर्मों के नाम पर 989 इनवॉइस अपलोड हैं। व्यापारी का इन फर्मों से कोई कारोबार नहीं था। उनकी शिकायत पर EOW ने 12 मार्च को जाँच शुरू की।
जांच में गूगल इंडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, फर्जी इनवॉइस अपलोड करने में इस्तेमाल ई-मेल आईडी आरोपित की अपनी फर्म सिद्धि एंटरप्राइजेस के जीएसटी पंजीयन में भी दर्ज है। उससे जुड़े दो मोबाइल नंबरों में से एक आरोपित के नाम पर, जबकि दूसरा बिहार के एक व्यक्ति के नाम पर है, पर उसका उपयोग भी आरोपित ही कर रहा था।
आरोपित दिल्ली से दूसरी फर्मों के जीएसटी खातों में भी फर्जी क्रेडिट नोट अपलोड कर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाता था। राजगढ़ जिले के ब्यावरा की एक फर्म के संचालक ने भी ऐसा बयान दिया है। आरोपित पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2), 62, 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-C, 66-D के तहत मामला दर्ज हुआ है। इनवॉइस का लाभ लेने वाली फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में ली जाएगी।
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