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त्विषा शर्मा केस: समर्थ सिंह की डिफॉल्ट जमानत पर सुनवाई पूरी; कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, 5 अक्टूबर को आदेश

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में समर्थ सिंह की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा। 5 अक्टूबर को आद...और पढ़ें

By naman MishraEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 06:46:31 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 06:46:31 PM (IST)
त्विषा शर्मा केस: समर्थ सिंह की डिफॉल्ट जमानत पर सुनवाई पूरी; कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, 5 अक्टूबर को आदेश
फाइल फोटो।

HighLights

  1. समर्थ सिंह की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी
  2. दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा है
  3. सीबीआई रिपोर्ट को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद, 5 अक्टूबर को आदेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपित समर्थ सिंह की डिफॉल्ट जमानत याचिका पर गुरुवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभना भलावे की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

अब इस मामले में 5 अक्टूबर को आदेश जारी किया जाएगा।

दोनों पक्षों ने रखी दलीलें

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजय गुप्ता ने तर्क दिया कि समर्थ सिंह 23 मई से न्यायिक हिरासत में है और 90 दिन की अवधि में जांच पूरी नहीं हुई। उनका कहना था कि सीबीआई ने 17 अगस्त को जो रिपोर्ट दाखिल की है, उसमें जांच के महत्वपूर्ण पहलू अभी लंबित हैं।


आईफोन के आंकड़ों की निष्कर्ष रिपोर्ट, डीवीआर की जांच और केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे अधूरी जांच बताया गया।

यह भी पढ़ें- त्विषा शर्मा डेथ केस : पूर्व जज गिरीबाला सिंह को आंशिक राहत, सीबीआई को नहीं मिले दहेज मांग के साक्ष्य

सीबीआई की रिपोर्ट पर मतभेद

वहीं, पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने 17 अगस्त को ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जो गिरफ्तारी के 87वें दिन थी। 90 दिन की अवधि 20 अगस्त को पूरी होनी थी। अदालत ने 25 अगस्त को रिपोर्ट का संज्ञान भी लिया था।

इसलिए आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का अधिकार नहीं बनता। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश 5 अक्टूबर के लिए सुरक्षित रखा है।