त्विषा शर्मा मामला: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आज जबलपुर हाई कोर्ट में होगी अंतिम बहस
मॉडल और अभिनेत्री रही त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर 26 अक्टूबर को जबलपुर हाई कोर्ट में सुबह 10:30 बजे अंतिम बहस निर्धारित है।
Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 07:54:24 AM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 07:54:24 AM (IST)
पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह। फाइल फोटो।HighLights
- जबलपुर हाई कोर्ट में सुबह 10:30 बजे अंतिम बहस
- मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत का मामला
- दहेज प्रताड़ना के आरोप में दर्ज है एफआईआर
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मॉडल और एक्टर रही त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सोमवार को जबलपुर हाई कोर्ट में अंतिम बहस होगी। जमानत याचिका को सोमवार को सुबह 10:30 बजे अंतिम बहस के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इस सुनवाई पर मामले से जुड़े पक्षों की नजर रहेगी।
नवविवाहिता की मौत के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
सीबीआई के जवाब के अनुसार, 12 मई 2026 की रात त्विषा शर्मा अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली थीं। उन्हें आरोपित पक्ष के लोग एम्स भोपाल ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अप्राकृतिक मृत्यु के संबंध में कार्रवाई की गई।
मामले में 15 मई 2026 को कटारा हिल्स थाने में एफआईआर क्रमांक 133/2026 दर्ज की गई थी। इसमें गिरिबाला सिंह और उनके बेटे सामर्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारओं तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
सीबीआई के मुताबिक, गिरिबाला सिंह मृतका की सास और सामर्थ सिंह उसके पति हैं। एफआईआर में दोनों पर मृतका को दहेज के लिए मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के बाद सीबीआई ने संभाली जांच
सीबीआई के जवाब में बताया गया है कि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई 2026 को स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद सीबीआई ने 25 मई 2026 को एफआईआर को दोबारा दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली।
सीबीआई ने अपने जवाब में कहा है कि राज्य पुलिस की जांच में कुछ कमियां सामने आई थीं। इनमें प्रथम पोस्टमार्टम कराने के तरीके से संबंधित पहलू भी शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार, इन्हीं परिस्थितियों में मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई।