
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में पेंशनरों के 59 माह के पुनरीक्षित पेंशन एरियर के भुगतान को लेकर वित्त विभाग तैयार नहीं है। हाई कोर्ट के विभिन्न आदेशों के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई है। साथ ही सभी विभागों से कहा गया है कि वे भी एरियर संबंधी आदेशों पर स्थगन प्राप्त करने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करें।
इसे लेकर पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने वित्त विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप कर छठे वेतनमान के 32 और सातवें के 27 माह का बकाया भुगतान के आदेश जारी कराने की मांग की है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद कुमार सक्सेना और संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने आरोप लगाया कि सरकार के संकल्प और छत्तीसगढ़ सरकार की वित्तीय स्वीकृति के बावजूद मध्य प्रदेश में निर्णय का समय पर क्रियान्वयन नहीं हुआ।
छठे वेतन आयोग के 32 माह और सातवें वेतन आयोग के 27 माह के पुनरीक्षित पेंशन एरियर के मामले में न्यायालय ने पेंशनरों के पक्ष में आदेश दिए हैं। इसके बाद वित्त विभाग ने विभागाध्यक्षों, आयुक्तों और कलेक्टरों को न्यायालयीन प्रकरणों में स्थगन आदेश प्राप्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायालय से राहत मिलने के बाद उस पर रोक की कोशिश करना गंभीर स्थिति है। प्रशासनिक देरी का भार पेंशनरों पर डालना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर एरियर भुगतान के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है।