
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। छोला के मालीखेड़ी में कर्ज के बोझ में दबे एक युवक ने पूरे परिवार को खत्म कर खुदकुशी कर ली। 35 वर्षीय नरेंद्र साहू ने रात में सो रही मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी। उसने अलग-अलग कमरों में सो रहे मां-बेटे और दादी-पोती के सिर पर पहले हथौड़े से वार किया और फिर चाकू से उनका गला रेत दिया। इसके बाद बाइक से करीब दो किलोमीटर दूर सूखीसेवनिया पहुंचा और रेलवे ट्रैक पर सामने से आ रही ट्रेन के सामने गर्दन रखकर खुदकुशी कर ली।
स्वजनों ने बताया कि नरेंद्र पर 30 से 40 लाख रुपये का कर्ज था। कारोबार में नुकसान के बाद बैंक ने किराये से चलने वाली उसकी कार सीज कर ली थी। कर्ज में भानपुर स्थित होटल बंद हो गई और यहां तक कि मकान तक बेच दिया था, लेकिन इसके बाद भी कर्ज नहीं चुका। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस सामूहिक हत्याकांड और खुदकुशी की वजह कर्ज का तनाव मान रही है। हालांकि नरेंद्र के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुलिस को घर से मैंगो जूस की बोतल के साथ कुछ संदिग्ध कांच की बोतलें भी मिली हैं। आशंका है कि उन बोतलों में नशीला या जहरीला पदार्थ था। नरेंद्र ने हत्या से पहले स्वजनों को वही पदार्थ दिया था। उसके बाद गला रेतकर हत्या की। मृतकों के शरीर पर भी संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने सभी संदिग्ध बोतलों को जांच के लिए भेजा है।
पुलिस के अनुसार, नरेंद्र मूलतः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का रहने वाला था। वह परिवार के साथ मालीखेड़ी स्थित पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी में असिस्टेंट लोको पायलट रामसिंह के मकान में किराये से रहता था। परिवार में मां सरस्वती साहू (54), पत्नी सोमलता (29), बेटी कृति (10) और बेटा कुश उर्फ बाबू (6) थे। मां एक निजी अस्पताल में काम करती थीं, जबकि पिता सीताराम की मौत करीब 16 साल पहले हुई थी।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे नरेंद्र की बहन मधु के पति दीपक के मोबाइल पर उसके फोन से कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें सूखीसेवनिया में रेलवे ट्रैक के पास बुलाया। वहां नरेंद्र का शव पड़ा मिला। इसके बाद दीपक घर पहुंचे तो बाहर ताला लगा था। उन्होंने डायल-112 को सूचना दी।
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पुलिस ने घर का ताला तोड़कर देखा तो बाहर के कमरे में बेड पर दादी और पोती के शव मिले। दोनों के गले पर गहरे कट के निशान थे और सिर पर भी चोट थी। अंदर के कमरे में मां और बेटा एक-दूसरे से लिपटे मृत मिले। उनके सिर पर भी गंभीर चोटें थीं। बाथरूम के पास खून से सना चाकू और हथौड़ा पुलिस ने जब्त किया है।
नरेंद्र आष्टा के एक रिसोर्ट में रसोइये का काम कर रहा था, लेकिन करीब 15 दिन पहले नौकरी छोड़कर भोपाल लौट आया था। बहन मधु के अनुसार नौकरी छोड़ने के बाद से वह कर्ज को लेकर ज्यादा परेशान रहने लगा था। रविवार रात करीब नौ बजे परिवार से आखिरी बार बात हुई थी। सोमवार सुबह 7:50 बजे वह घर से निकलकर अपनी बाइक से जाता हुआ दिखा है।
डीसीपी जोन-4 आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि घर से खून से सना चाकू और हथौड़ा मिला है। किचन में मिली छोटी कांच की बोतलों को जांच के लिए भेजा गया है। देहात एसपी पंकज पांडे ने बताया कि नरेंद्र के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके मोबाइल की जांच कर मौत की वजह और घटनाक्रम का पता लगाया जा रहा है।