
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: IAS अधिकारी एवं अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण बेटियों (IAS Santosh Verma controversial remark on Brahmin Girls) को लेकर की गई असभ्य टिप्पणी का मुद्दा अब एक दिसंबर से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी गूंजने वाला है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दल, वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग सदन में उठाने की तैयारी में हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि प्रदेश में अधिकारियों का रवैया लगातार मनमाना होता जा रहा है। कोई भी अधिकारी सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करता है, लेकिन उनके खिलाफ अक्सर ठोस कार्रवाई नहीं होती। भाजपा के बाद अब कांग्रेस नेताओं ने भी संतोष वर्मा पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुखर रुख अपनाया है, हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई निर्णायक कदम देखने को नहीं मिला है।
अधिकारियों के व्यवहार से सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही असहज हैं। सरकार और संगठन स्तर पर इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछली कलेक्टर-कमिश्नर एवं IG-SP कॉन्फ्रेंस में यह निर्देश भी दिए थे कि अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों से बेहतर संवाद बनाए रखें, लेकिन अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
उमंग सिंघार ने कहा कि संतोष वर्मा का यह कोई पहला मामला नहीं है। जनसुनवाई में अधिकारियों का अनुचित व्यवहार कई बार उजागर हो चुका है। ट्रक चालकों की हड़ताल के दौरान शाजापुर के तत्कालीन कलेक्टर किशोर कान्याल द्वारा एक ड्राइवर से किए गए टिप्पणी “क्या औकात है तुम्हारी” को लेकर विवाद बढ़ा था, जिसके बाद सरकार ने उन्हें हटाया था। इसी तरह भिंड के तत्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की रेत खनन को लेकर भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा से बहस भी बड़ा मुद्दा बनी थी, जिसके बाद उन्हें मंत्रालय में पदस्थ किया गया।
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सत्र शुरू होने से पहले सुबह 10:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत पक्ष-विपक्ष के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार संतोष वर्मा की विवादित टिप्पणी से उपजी स्थिति को इस बैठक में उठाया जा सकता है। विपक्ष, मुख्यमंत्री से सदन में इस मुद्दे पर सरकार की स्पष्ट स्थिति रखने की मांग कर सकता है।
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