
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद राजधानी भोपाल में अवैध शराब के ठिकानों पर आबकारी टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। बैरसिया के ग्राम तरावली कलां में लगभग ढाई साल से अवैध रूप से हाथ भट्टियों के माध्यम से कच्ची शराब बनाई जा रही थी।
सूचना मिलने पर आबकारी और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई की। पहली बार ड्रोन की मदद से शराब के अवैध ठिकानों की तलाशी ली गई, जिसमें 12 भट्टियां बरामद की गईं, लेकिन आरोपित तस्कर मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई में कुल 127 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि बैरसिया के तरावली में बड़ी मात्रों में हाथभट्टी से कच्ची शराब बनाने व बेचने की शिकायतें मिल रहीं थीं। पुलिस और आबकारी टीमों ने ड्रोन की सहायता से ठिकानों की पहचान की, लेकिन दबिश की भनक लगते ही शराब बनाने वाले फरार हो गए।
टीम ने खाली पड़े मकानों की तलाशी ली, जहां से करीब 275 लीटर अवैध हाथभट्टी शराब और 15,000 किलो लाहन बरामद किया है। इसके अलावा, शराब बनाने के लिए बनाए गए 12 भट्टियों को नष्ट किया गया और मौके से दो बायलर व 30 से अधिक ड्रम भी जब्त किए गए हैं।
जिस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बनाने की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, वहां पुलिस-आबकारी के बड़े अमले के पहुंचने से पहले ही शराब बनाने वाले फरार हो गए। टीम ने खाली घरों से शराब और लाहन तो बरामद कर लिया, लेकिन किसी मुख्य आरोपित को पकड़ने में असफल रही। आबकारी विभाग ने इस मामले में 14 प्रकरण दर्ज किए हैं और फरार आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
तरावली में कंजर और पारदियों के डेरे हैं, जहां अवैध रूप से कच्ची शराब बनाई जा रही थी। यहां से बैरसिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री की जाती थी। तरावली जोड़ बैरसिया रोड पर कच्ची शराब पालीथिन में भरकर बेची जा रही थी, जिसकी सूचना भी मिली थी।
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