
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अग्नि सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अब नया फायर टैक्स लगाया जाएगा। यह टैक्स (उपकर) सेस के रूप में उन सभी जमीनों और इमारतों पर लगेगा जो संपत्ति कर के दायरे में आती हैं।
इसकी दर संपत्ति कर की न्यूनतम दो प्रतिशत या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर के अनुसार होगी। जिन आवासीय संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट मिली हुई है, उन्हें फायर उपकर भी नहीं देना होगा। फायर उपकर का प्रविधान आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की खरीद और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया गया है।
राज्य सरकार ने प्रदेश में आगजनी की घटनाओं पर लगाम कसने और जनहानि को रोकने के लिए पिछले महीने ही नए नियम लागू किए हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी 'मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं सामान्य नियम, 2026' के तहत नगरीय निकायों को यह अधिकार दिया गया है कि वे आम जनता में से भी वालेंटियर (स्वयंसेवकों) की भर्ती कर सकेंगे।
इन स्वयंसेवकों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में 15 से 30 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे प्राथमिक स्तर पर आग बुझाने और फर्स्ट-एड देने में मदद कर सकें।
संकट के समय त्वरित कार्रवाई के लिए फायर ब्रिगेड के पास अब असीमित अधिकार होंगे। आग बुझाने या रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सक्षम अधिकारी किसी भी निजी संस्था, सरकारी उपक्रम या विभाग के उपकरणों और कर्मचारियों को तत्काल काम पर ले सकेंगे। इससे मना करना कानूनन अपराध माना जाएगा।
नवरात्र, गणेशोत्सव या शादियों में बनने वाले अस्थायी पंडालों के लिए आयोजकों को कार्यक्रम शुरू होने से 48 घंटे पहले सुरक्षा नियमों के पालन का स्व-घोषणा पत्र देना होगा। निरीक्षण के दौरान कमी मिलती है, ठीक करने के लिए सिर्फ आठ घंटे का समय मिलेगा, नहीं तो पंडाल सील कर दिया जाएगा।