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बिल्डिंग परमिशन के लिए अब नजूल NOC का झंझट होगा खत्म; MP सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन

प्रस्ताव के तहत नियम 16 के उपनियम (11) का खंड (ग) हटाया जाएगा, जबकि खंड (क) और (ख) बने रहेंगे। आवेदकों को रजिस्ट्री या पट्टा विलेख के साथ खसरा, खतौनी ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 11:11:38 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 11:14:17 AM (IST)
बिल्डिंग परमिशन के लिए अब नजूल NOC का झंझट होगा खत्म; MP सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।

HighLights

  1. बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल एनओसी की अनिवार्यता खत्म करने की तैयारी
  2. भूमि विकास नियम 2012 में संशोधन के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी
  3. आम लोगों से 15 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं

डिजीटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश में नया घर, मकान, दुकान या किसी भी प्रकार का निर्माण कराने वाले नागरिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त करने जा रही है।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 'मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2012' में नजूल एनओसी की अनिवार्यता वाले नियम में संशोधन के लिए आधिकारिक तौर पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

जनता से मांगे सुझाव

प्रस्ताव के तहत भवन और विकास अनुज्ञा के आवेदन के साथ लगने वाली नजूल एनओसी की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। सरकार ने इस संशोधन पर 15 दिन के भीतर आम लोगों से दावे-आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। तय अवधि बीतने के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर इस संशोधन को लागू कर दिया जाएगा।


इस व्यवस्था के लागू होने से लोगों को भवन निर्माण का नक्शा पास कराने के लिए नजूल एनओसी की सर्टिफिकेट कॉपी लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

यह भी पढ़ें- MP में बिल्डिंग परमिशन हुई आसान : सहकारिता, बिजली और नजूल की NOC का झंझट खत्म; ईज ऑफ डूइंग को मिलेगा बढ़ावा

क्या है अभी का पुराना नियम?

'मप्र भूमि विकास नियम 2012' के नियम 16(11) के प्रावधानों के तहत निर्माण अनुमति के आवेदन के साथ भू-स्वामित्व प्रमाणित करने वाले 3 दस्तावेज अनिवार्य रूप से देने होते हैं।

इनमें विक्रय विलेख या पट्टा विलेख (रजिस्ट्री), खसरा-नक्शा और खतौनी अभिलेख के साथ नजूल एनओसी की प्रमाणित प्रति शामिल है।

संशोधन प्रस्ताव में क्या बदलाव होगा?

नए संशोधन प्रस्ताव के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक, नियम 16 के उपनियम (11) के खंड (ग) को पूरी तरह से विलोपित (हटाया) किया जाएगा, जबकि खंड (क) और (ख) यथावत बने रहेंगे।

इस बदलाव के बाद अब आवेदकों को आवेदन के साथ केवल रजिस्ट्री/पट्टा और खसरा, खतौनी-नक्शा ही लगाना होगा।