कोसमी के आदिवासी अपनी जमीन पर ही करेंगे खेती, बुधनी विधायक बोले- 'CM ने मानी मांगें, सिंगपुर में घर बनाकर बसाएंगे'
बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदिवासियों की मांग मान ली है। आदिवासी परिवार पहले की तरह उसी जमीन पर खेती करते रहे...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 08:01:10 AM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 08:01:10 AM (IST)
बुधनी से विधायक रमाकांत भार्गव ने बताया कि सीएम ने आदिवासियों की मांगें मान ली हैं। वीडियोग्रेबHighLights
- कोसमी गांव के आदिवासी उसी जमीन पर करेंगे खेती
- टूटे मकानों को फिर से स्थापित करने और प्लाट देने पर सहमति
- वन विभाग की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच का आश्वासन
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । सीहोर जिले में बुधनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसमी के आदिवासी यथावत रहेंगे। वे उसी जमीन पर खेती करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदिवासियों की मांग मान ली है। यह कहना है बुधनी से भाजपा विधायक रमाकांत भार्गव का।
उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि वन विभाग की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम है। इसकी लेकर 15 अक्टूबर को आदिवासी भाई बहनों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मिला।
उनको वहां की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधि मंडल की सकारात्मक चर्चा हुई।
मामले की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा आदिवासी भाई बहनों के साथ जो अभद्र व्यवहार किया गया है इसकी वह निष्पक्ष जांच करके उचित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिस भूमि पर आदिवासी भाई बहन खेती कर रहे थे वह पुनः उसी स्थान पर खेती करते रहेंगे।
स्थाई समाधान के रूप में जो आवास वन विकास निगम के कर्मचारियों ने तोड़े थे, उन्हें पुनः स्थापित करने और सिंगपुर गांव में उन्हें प्लाट उपलब्ध करा कर मकान बनाने की कार्रवाई भी करेंगे।
इसके अलावा वन विभाग और वन विकास निगम के कर्मचारी जो अनावश्यक रूप से नोटिस देकर परेशान कर रहे हैं उन पर भी तुरंत रोक लगाने की कार्रवाई पर भी सहमति बनी है।
विधायक ने जताया आभार
भार्गव ने कहा कि मैं क्षेत्रीय विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल का आभार व्यक्त करता हूं।
हमारी सरकार किसानों आदिवासियों और मजदूरों की सरकार है, वह हमेशा उनके हित में काम करती है। हालांकि वन विभाग ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।