राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में शिक्षा, सिंचाई और महिला व बाल विकास विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने आदिवासी अंचल में संचालित सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के साथ-साथ चार जिलों की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए भारी-भरकम राशि मंजूर की है।
अब तक प्रति छात्र 10 हजार रुपये सालाना दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 21 हजार रुपये सालाना कर दिया गया है। इसके साथ ही हर साल 5 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि भी की जाएगी। परिवहन व्यवस्था आउटसोर्स के माध्यम से की जाएगी और बसों का संचालन आईटी-बेस्ड प्लेटफॉर्म व मॉनिटरिंग व्यवस्था के तहत होगा।
चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076 करोड़ रुपये मंजूर
प्रदेश के चार जिलों- बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के लिए 3,076.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
बुरहानपुर (झिरमिटिया परियोजना): 922.91 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे खकनार तहसील के 42 गांवों की 17,700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
रायसेन (बारना परियोजना): 82.49 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे नहरों का विस्तार और मरम्मत होगी।
मंदसौर (कयामपुर-सीतामऊ परियोजना): 750.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 1.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
सिंगरौली (चितरंगी परियोजना): 1,320.14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 32,125 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
चार नए जिलों में बनेंगे महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यालय
प्रदेश के चार नए गठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 24 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जबकि प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) से 12 पदों की स्वीकृति मिली है।