
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। जबलपुर से भोपाल और भोपाल से इंदौर कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) बनाए जा रहे हैं। 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस प्रोजेक्ट को सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के तौर पर तैयार कर रही है। कॉरिडोर पर चार बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे आने वाले समय में दो लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
इसके साथ इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी बनाई जाएगी। प्रदेश के युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए इस कॉरिडोर पर स्किल सिटी बनाई जाएगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रियों को दी।
उन्होंने कहा कि जो स्किल सिटी बनाई जाएगी, वह विकसित मध्य प्रदेश की नई पहचान बनेगी। यहां हर साल 50 हजार से अधिक युवाओं का कौशल विकास और क्षमतावर्धन होगा।
यह भी पढ़ें- भोपाल में 2.5 साल से चल रहा था कच्ची शराब का खेल, ड्रोन से खुली 12 भट्टियों की पोल, 15 हजार किलो लाहन नष्ट
उल्लेखनीय है कि भोपाल-इंदौर कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) की लंबाई 161 किलोमीटर है। छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से अभी यात्रा में जो समय चार घंटे लगता है, वह घटकर दो से ढाई घंटे रह जाएगा। यह नया मार्ग पुरानी बसाहटों और ट्रैफिक से दूर होगा।
इसी तरह भोपाल-जबलपुर कॉरिडोर की लंबाई लगभग 255 किलोमीटर रहेगी और इसकी लागत 14,105 करोड़ प्रस्तावित है। इस मार्ग के बनने से यात्रा का समय छह घंटे से घटकर तीन-साढ़े तीन घंटे रह जाएगा।