
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी से 24 नागरिकों की मृत्यु के मामले में हटाए गए नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पटवारी ने कहा कि सरकार सार्वजनिक मंचों पर कार्रवाई की बात करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करने के बजाय उन्हें बेहतर पदों से नवाजा जाता है।
उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। छिंदवाड़ा में कफ सिरप कांड में 23 बच्चों की मृत्यु के बाद हटाए गए तत्कालीन ड्रग कंट्रोलर दिनेश कुमार मौर्य को कुछ ही दिनों बाद सामान्य प्रशासन विभाग में अपर सचिव बना दिया गया था। इससे सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।
पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दावोस यात्रा को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 26 लाख रोजगार का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर केवल तीन प्रतिशत निवेश ही उतर पाया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 30 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं और राज्य लोक सेवा आयोग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 22 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं होती हैं और 23 बच्चियां प्रतिदिन लापता हो जाती हैं। इसके बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गोहत्या और गोमांस तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। भोपाल नगर निगम क्षेत्र के स्लाटर हाउस में गोमांस पकड़े जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा भोपाल, रतलाम, नीमच और आगर मालवा जैसे जिलों में 10 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक के ड्रग्स पकड़े जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से रोके जाने और उनके अनुयायियों पर पुलिस लाठीचार्ज की घटना को लेकर पटवारी ने भाजपा पर सनातन धर्म के गुरुओं के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा हिंदू सम्मेलन आयोजित करती है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक गुरुओं के साथ ऐसा व्यवहार करती है, जिससे उसका असली चेहरा सामने आता है।