
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासियों के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावा करती है लेकिन हकीकत यह है कि ना तो स्वास्थ्य सुविधा है ना रोजगार न शिक्षा। छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सीरप से बच्चों की मौत हो गई। बालाघाट में कुपोषण मलेरिया खसरा से बच्चे मर गए। सागर में जहरीली शराब से मौत हो गई। इंदौर में दूषित पानी के कारण लोगों को अपनी जान देनी पड़ी।
उन्होंने कहा, 'हम कोई राजनीति नहीं करना चाहते हैं लेकिन प्रदेश की जनता को श्वेत पत्र लाकर यह बताना चाहिए कि हजारों करोड़ों रुपये का बजट प्रतिवर्ष व्यय करने के बाद भी कुपोषण दूर क्यों नहीं हुआ। आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधा क्यों नहीं पहुंची। स्कूलों में शिक्षक क्यों नहीं है। डॉक्टरों का अभाव क्यों है। आदिवासियों पर अत्याचार क्यों हो रहे हैं।'
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राहुल गांधी के बालाघाट में कुपोषण मलेरिया और खसरा से जान गंवाने वाले बैगा आदिवासियों के बच्चों के स्वजन से मिलने आने पर भाजपा द्वारा लगाया जा रहे राजनीति के आरोप पर उन्होंने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं लेकिन सरकार कहां है। स्वास्थ्य मंत्री कितनी बार आए। मुख्यमंत्री कहां-कहां गए। राहुल गांधी आदिवासियों के उसे दर्द को जानने समझने और सारे देश के सामने लाने के लिए आ रहे हैं। सरकार को जगाने के लिए आ रहे हैं ताकि वह अपने दायित्व को निभाए।