'MP में खराब बीज से फसल बर्बाद होने पर किसानों को मिले मुआवजा': जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को लिखा पत्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खराब बीज से फसल बर्बाद होने पर प्रभावित किसानों को मुआवजा ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 01:32:54 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 01:32:54 PM (IST)
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से लिखा पत्र। फाइल फोटो।HighLights
- खराब बीज से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे की मांग
- मध्य प्रदेश में बीजों के 537 नमूने अमानक पाए गए
- दोषी कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। किसान महंगे बीज लेकर खेती कर रहे हैं, लेकिन इनमें अमानक निकलने पर सारी मेहनत बेकार चली जाती है। वित्त वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक देशभर में 93,867 बीज नमूनों की जांच की गई है, जिसमें 4,006 मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इनमें महाराष्ट्र के 2,360, मध्य प्रदेश के 537, उत्तर प्रदेश के 303 और छत्तीसगढ़ के 234 नमूने शामिल हैं। इनसे फसल बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाए और संबंधित बीज निर्माता कंपनी और विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह मांग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पत्र लिखकर की है।
अमानक बीजों से किसान को नुकसान
उन्होंने कहा कि किसान महंगे खाद, कीटनाशक, बढ़ती कृषि लागत और उपज के उचित दाम नहीं मिलने से पहले ही परेशान हैं। ऐसे में बाजार से खरीदे गए बीज अमानक निकलने पर उनकी मेहनत, पूंजी और आजीविका पर संकट खड़ा हो जाता है। मध्य प्रदेश में अमानक बीजों के 537 नमूने मिलने से बीज गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
जिम्मेदारों पर हो एक्शन
अमानक बीजों के कारण फसल खराब होने पर जिम्मेदार कंपनी, आपूर्तिकर्ता या विक्रेता से किसान को समयबद्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत मुआवजा दिलाने का प्रविधान किया जाए। मध्य प्रदेश के सभी संबंधित मामलों की विस्तृत जांच कर कंपनियों और विक्रेताओं के विरुद्ध हुई कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर पात्र किसानों को मुआवजा भी दिया जाए। दोषी कंपनियों पर आर्थिक जुर्माना लगाने तथा गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबित या नियमानुसार निरस्त करने की मांग की।