भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को थमा दी फफूंद लगी दवा, सीनियर डॉक्टर नदारद, इंटर्न के भरोसे चल रही ओपीडी
Bhopal News: भोपाल के जेपी अस्पताल (जिला चिकित्सालय) में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 10:13:49 AM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 10:13:49 AM (IST)
भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को थमा दी फफूंद लगी दवाHighLights
- एक्सपायरी डेट 2027 फिर भी खराब हुई टेबलेट
- फ्रैक्चर की शिकायत लेकर पहुंचा था मरीज
- सीएमएचओ को ई-मेल कर की शिकायत
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के जेपी अस्पताल (जिला चिकित्सालय) में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे एक मरीज को अस्पताल की फार्मेसी से ऐसी दवा थमा दी गई, जिस पर फफूंद (फंगस) लगी हुई थी। हालांकि मरीज ने दवा खाने से पहले उसे देख लिया, अन्यथा उसकी जान पर बन आती।
फ्रैक्चर की आशंका के चलते ओपीडी में गया था मरीज
पीड़ित मरीज सतीष सेन ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पैर में फ्रैक्चर की आशंका के चलते वे जेपी अस्पताल की आर्थोपेडिक ओपीडी में पहुंचे थे। वहां कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके चलते इंटर्न डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया और एक्स-रे के साथ दर्द की दवा लिख दी।
मरीज ने जब अस्पताल परिसर स्थित फार्मेसी से दवा ली, तो वहां भी किसी ने दवा की स्थिति जांचने की जहमत नहीं उठाई। घर पहुंचकर जब सतीष ने दवा की स्ट्रिप खोली, तो उसमें फफूंद जमी देख वे सन्न रह गए।
दो महीने पहले ही हुई थी सप्लाई
मरीज को दी गई 'डिक्लोफेनाक 50 एमजी' (दर्द निवारक) टैबलेट की एक्सपायरी डेट जून 2027 अंकित है। दवा का बैच नंबर डीएसएम 25002 है। रिकॉर्ड के मुताबिक यह दवा मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम लिमिटेड (एमपीपीएचएससीएल) द्वारा महज दो महीने पहले (27 अक्टूबर 2025) ही अस्पताल को सप्लाई की गई थी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत
मरीज सतीष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा को ईमेल के जरिये सुबूत सहित शिकायत भेजी है।
एक मरीज का मेल आया है। जिसमें लिखा है कि दवा में फफूंद मिली है। इसकी जांच की जाएगी। प्रशासन इस मामले में गंभीर है।
- डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ भोपाल