
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ओबीसी महासभा के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों विद्यार्थियों और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। वे मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना 2025-26 के लंबित 14 प्रकरणों के निराकरण चाहते थे। इसके लिए वे मंगलवार सुबह सिंधु भवन पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकल पड़े।
रास्ते में पुलिस ने रेडक्रास अस्पताल के पास रोका और लाठी चलाई। इस दौरान बैरिकेडिंग तोड़कर प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और उन्हें बल प्रयोग कर हटा दिया। यहां पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में प्रदर्शनकारियों ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल दुबे को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ओबीसी महासभा के कमलेंद्र पाटे ने कहा कि सरकार को 27 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार सुनिश्चित करना होगा। योजना में प्रतिवर्ष 50 छात्रवृत्तियों का प्रावधान होने के बावजूद 2025-26 की 14 छात्रवृत्तियां खाली क्यों छोड़ी गईं, इसका जवाब देना चाहिए। युवा नेता राघवेंद्र ने कहा कि दो साल तक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार को नई प्रक्रिया शुरू करने से पहले लंबित छात्रवृत्तियों का समाधान करना चाहिए।
वहीं जय मूवमेंट ओबीसी के संस्थापक लखपत गुर्जर ने कहा कि वर्ष 2007 से संचालित योजना में सामान्यतः जून में आवेदन आमंत्रित किए जाते रहे हैं, लेकिन नवंबर शुरू होने के बावजूद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इससे ग्रामीण और किसान परिवारों के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चयन प्रक्रिया, विभागीय नियमों और कथित बिचौलियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी। आजाद समाज पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की मांग की।
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