
नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। गौरझामर थाना क्षेत्र में सोमवार को नेशनल हाइवे-44 पर ग्राम बिजोरा के पास एक बाघ घायल अवस्था में बैठा मिला। सड़क किनारे पत्थरों के बीच बैठे बाघ को देखकर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोग अपने मोबाइल से उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जानकारी के अनुसार देवरी-सागर मार्ग पर बिजोरा के गुरूचौपड़ा तिगड्डे के पास लोगों ने बाघ को देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ घायल था और भागने में असमर्थ नजर आ रहा था। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक भी रुककर बाघ को देखने लगे।
सूचना मिलते ही गौरझामर पुलिस मौके पर पहुंची और वन्यजीव पर नजर बनाए रखी। वन विभाग को भी सूचना दी गई। पुलिस और वन विभाग की टीम बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने की तैयारी में जुट गई। लोगों से अपील की अपील की गई कि बाघ से दूरी बनाए रखें। ताकि वन्यजीव और आमजन दोनों सुरक्षित रहें।
बाघ को सुरक्षित जंगल में पहुंचाने के लिए वन विभाग ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू दल बुलाया है। गौरझामर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंचकर बाघ की स्थिति पर नजर रखी और उसका रेस्क्यू कर वन्यजीव को सुरक्षित निकाला। घायल बाघ का इलाज किया जा रहा है।
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बाघ जिस स्थान पर मिला है, वहां से नेशनल हाइवे-44 गुजरता है। हाइवे के दोनों ओर जंगल होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि जंगल से निकलते समय बाघ किसी वाहन की चपेट में आ गया होगा। हालांकि, वन विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बरकोटी घाटी के गुरुचौपड़ा के पास भी वाहन की टक्कर से एक तेंदुए की मौत हो गई थी। क्षेत्र में जंगल से वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है।