भोपाल: रिटायर्ड टीएंडसीपी संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर लोकायुक्त का केस, आय से अधिक संपत्ति मिली
सुनीता सिंह दिसंबर 2025 में सेवानिवृत्त हुई थीं। वे टीएंडसीपी के अलावा नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड और मंडी बोर्ड में भी विभिन्न पदों पर रहीं। लोकायुक्त पुलिस अब संपत्तियों का नए सिरे से मूल्यांकन कर विस्तृत जांच कर रही है।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 10:41:28 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 10:41:28 AM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- टीएंडसीपी भोपाल की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर केस
- लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया
- सुनीता सिंह पर आय से 250 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नगर तथा ग्राम निवेश (टीएंडसीपी) भोपाल की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त भोपाल ने यह कार्रवाई की है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने सेवाकाल के दौरान स्वयं और परिजनों के नाम पर कुल वैध आय की तुलना में करीब 250 प्रतिशत अधिक असमानुपातिक चल-अचल संपत्ति जुटाई है।
जांच में भोपाल शहर में उनके कई मकान, शॉपिंग कांप्लेक्स, फार्म हाउस और पेट्रोल पंप जैसी संपत्तियों का पता चला है। लोकायुक्त पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 13(1)बी सहपठित 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।
पेट्रोल पंप से चर्चा में आईं
सुनीता सिंह दिसंबर 2025 में सेवानिवृत्त हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपनी सेवा का सर्वाधिक समय टीएंडसीपी में ही बिताया। इसके अलावा वे भोपाल नगर निगम, मप्र हाउसिंग बोर्ड और मंडी बोर्ड में भी विभिन्न पदों पर पदस्थ रहीं। रायसेन रोड स्थित पेट्रोल पंप से उनका नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया था।
अधिकारियों का कहना है कि दर्ज अपराध की विवेचना के दौरान संपत्तियों का नए सिरे से मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे कई अन्य खुलासे हो सकते हैं।