• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने को मिली सहमति, केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव

Madhav National Park: माधव राष्ट्रीय उद्यान के 375.233 वर्ग किमी वनक्षेत्र को कोर क्षेत्र तथा शिवपुरी वनमंडल के 1276.154 वर्ग किमी क्षेत्र को बफर क्षे...और पढ़ें

By Kushagra ValuskarEdited By: Kushagra Valuskar
Publish Date: Sat, 05 Oct 2024 02:35:45 PM (IST)Updated Date: Sat, 05 Oct 2024 02:35:45 PM (IST)
माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने को मिली सहमति, केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
टाइगर रिजर्व के कोर एवं बफर क्षेत्र में नहीं होगा वन ग्राम।

HighLights

  1. माधव टाइगर रिजर्व टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है।
  2. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की सहमति मिल गई है।
  3. बफर क्षेत्र में कुल 13 राजस्व ग्राम शामिल हैं।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। Madhav National Park: माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित माधव टाइगर रिजर्व को राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की सहमति मिल गई है। अब इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड भेजा जाएगा, वहां से मंजूरी मिलने पर राज्य सरकार इसे टाइगर रिजर्व बनाने की अधिसूचना जारी करेगी।

कोर एवं बफर क्षेत्र में कोई वन ग्राम शामिल नहीं

खास बात यह है कि इस प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के कोर एवं बफर क्षेत्र में कोई वन ग्राम शामिल नहीं है। कोर क्षेत्र के अंतर्गत 15 राजस्व ग्राम सम्मिलित थे जिनमें से 10 राजस्व ग्रामों को पूर्ण रूप से विस्थापित किया जा चुका है। जबकि, पांच राजस्व ग्रामों का आंशिक विस्थापन शेष है। रिजर्व के बफर क्षेत्र में कुल 13 राजस्व ग्राम शामिल हैं, जिनका क्षेत्रफल 39.3066 वर्ग किमी है।


ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी सहमति

माधव टाइगर रिजर्व बनाने के लिए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य जन प्रतिनिधियों एवं 12 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सहमति दे दी है। प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के अंतर्गत माधव राष्ट्रीय उद्यान के बफर क्षेत्र में वर्त न में कार्यरत अमले एवं विद्यमान अधोसंरचनाओं का ही उपयोग किया जाएगा। इससे शासन पर अमले का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं होगा।

कोर और बफर से लगे ग्रामीणों का भी रखा जाएगा विशेष ध्यान

रिजर्व के बफर क्षेत्र में अनुमानित 8200 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण प्रतिवर्ष होता है, इस बफर क्षेत्र में तेंदूपत्ता एवं अन्य वनोपज संग्रहण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने से शासन को कोई वित्तीय हानि भी नहीं होगी। रिजर्व के कोर क्षेत्र से 10 किमी की परिधि में 250 ग्राम तथा बफर क्षेत्र से 10 किमी की परिधि में 300 ग्राम हैं। जिनकी जीविका उपार्जन वनोपज पर ही निर्भर है। ऐसे में वन विभाग इस बात का भी विशेष ध्यान रखेगा कि ग्रामीणों की जीविका प्रभावित न हो।