
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा संगठन ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और संगठन-सत्ता के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। अब जिस तरह प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रतिदिन मंत्रियों की ड्यूटी लगाकर कार्यकर्ताओं की सुनवाई की जा रही है, उसी तर्ज पर जिला स्तर पर भी व्यवस्था लागू की जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि जिला मुख्यालयों पर भाजपा विधायक नियमित रूप से पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए पहल करेंगे। इस व्यवस्था से कार्यकर्ताओं को सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंच मिलेगी और संगठन की पकड़ जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी।
भाजपा ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे सप्ताह में अवकाश के दिनों को छोड़कर शेष दिनों के लिए जिले के विधायकों का पार्टी जिला कार्यालय में बैठने का कार्यक्रम तय करें। किस दिन और किस समय कौन विधायक कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी। इस कार्यक्रम का इंटरनेट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता अपनी समस्याएं रख सकें।
गौरतलब है कि सोमवार से शुक्रवार तक भाजपा प्रदेश कार्यालय में दो मंत्री प्रतिदिन दोपहर एक से तीन बजे तक कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। मंत्री एक-एक कर सभी की बातें सुनते हैं और समाधान का प्रयास करते हैं। अब तक 20 मंत्री इस व्यवस्था के तहत कार्यकर्ताओं से संवाद कर चुके हैं।
यह निर्णय सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के लिए गठित समन्वय टोली की बैठक में लिया गया था। अब इसी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए विधायकों को भी जिले स्तर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विधायक जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं की विधानसभा क्षेत्र या जिला स्तर की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों को भेजकर त्वरित समाधान कराएंगे। वहीं, जिन मामलों का समाधान राज्य स्तर पर जरूरी होगा, उन्हें विधायक शासन में संबंधित विभाग के संज्ञान में लाएंगे। इससे कार्यकर्ताओं की आवाज सीधे शासन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समाधान तेज गति से हो सकेगा।