Madhya Pradesh News: बोरवेल खुला छोड़ने पर कार्रवाई के लिए कानून बनेगा, जारी किए दिशा-निर्देश
जून 2022 में ओरछा की घटना सामने आने पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि बचाव कार्य का खर्चा वसूलने के साथ कार्रवाई के लिए बना ...और पढ़ें
By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Thu, 08 Dec 2022 03:32:47 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Dec 2022 07:52:45 AM (IST)

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश में बोरवेल असफल होने पर खुला छोड़ने के कारण बच्चों के गिरने की घटना पर रोक लगाने के लिए कानून बनानेे की बात कहकर सरकार भूल गई। जून 2022 में ओरछा के नारायणपुरा में बोरवेल में चार वर्ष के दीपेंद्र के गिरने की घटना के बाद गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि इसके लिए कानून बनाया जाएगा। इसमें राहत कार्य में होने वाले व्यय को वसूलने का प्रविधान भी रहेगा लेकिन न तो गृह विभाग ने कोई दिशा-निर्देश जारी किए और न ही किसी अन्य विभाग ने कदम उठाया।
बैतूल के ग्राम माड़वी में बोरवेल खुला छोड़ने के कारण बच्चे के गिरने की घटना प्रदेश में पहली नहीं है। इसके पहले जब ओरछा के नारायणपुरा में घटना सामने आई थी, तब सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए बोरवेेल खुला छोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी।
तब बच्चे के पिता और दादा के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का प्रकरण बनाया गया था। इसके साथ ही खुले बोरवेल की सूचना प्राप्त करने के लिए छतरपुर जिला प्रशासन ने फोन नंबर भी जारी किया थाा, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसी ने इसकी चिंता भी नहीं की।
यही कारण है कि एक के बाद एक घटना घटित होती जा रही हैं। गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूसरों की जान जोखिम में डालने के लिए जो कानूनी प्रविधान है, उसके अनुसार कार्रवाई की जाती है। अलग से कोई प्रविधान नहीं किया गया है। इसको लेकर विधि विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी और फिर नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। किसानों को भी जागरूक करने कृषि, जल संसाधन सहित अन्य विभागों के साथ कार्ययोजना बनाई जाएगी।