Madhya Pradesh : बब्बर शेर पर फिर सियासत शुरू, वनमंत्री ने प्रधानमंत्री से मांगा मिलने का समय
वनमंत्री उमंग सिंघार शेरों को लेकर गुजरात के रवैये पर करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा। ...और पढ़ें
By Hemant UpadhyayEdited By: Hemant Upadhyay
Publish Date: Tue, 01 Oct 2019 06:58:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Oct 2019 09:40:33 AM (IST)

भोपाल। एशियाटिक लॉयन (बब्बर शेर) को लेकर एक बार फिर सियासत शुरू हो गई है। वनमंत्री उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है।
मंत्री मुलाकात के दौरान गिर अभयारण्य में शेरों के बढ़ने से जनता को होने वाली परेशानी और श्योपुर के कुनो पालपुर में जरूरी सुविधाएं पूरी करने के साथ गुजरात सरकार के अड़ियल रवैये पर चर्चा करेंगे। वे प्रधानमंत्री मोदी से शेरों की इस प्रजाति को बचाने के लिए उन्हें मध्य प्रदेश शिफ्ट कराने की मांग भी करेंगे।
भारत सरकार का सिंह प्रोजेक्ट 27 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। वर्ष 1994 में प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी और वर्ष 2003 में कुनो पालपुर में शेरों के रहवास के लिए समस्त सुविधाएं जुटा ली गईं, लेकिन गुजरात सरकार स्टेटस सिंबल (शान मानना) के चलते शेर देने को तैयार नहीं है। इस बीच गुजरात सरकार ने कुनो पालपुर में कई कमियां गिनाईं, जिन्हें राज्य सरकार पूरी कर चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट कमेटी ने भी कुनो पालपुर में शेरों की शिफ्टिंग में सहमति जताई थी। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में शेर शिफ्ट करने के निर्देश गुजरात सरकार को दिए थे। इसके बाद भी गुजरात सरकार शेर देने को तैयार नहीं है। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका लगाई गई है।
प्रधानमंत्री को बताएंगे जरूरत
वनमंत्री उमंग सिंघार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताएंगे कि शेरों को मध्य प्रदेश में शिफ्ट कराना क्यों जरूरी हो गया है। वे इस प्रजाति पर आने वाले संभावित खतरों पर भी बात करेंगे। यह भी बताएंगे कि गुजरात के गिर अभयारण्य में शेरों की संख्या बढ़ने का खामियाजा वहां की जनता को उठाना पड़ रहा है। पिछले माह शेरों का एक झुंड बस्ती में घुस गया था।
ऐसी स्थिति पहले भी कई बार बन चुकी है, लेकिन आगे न बने, इसलिए मप्र को शेर दें। वनमंत्री सिंघार का कहना है कि शेरों का बस्तियों में जाना किसी लिहाज से ठीक नहीं है। इससे जनता को तो खतरा है ही, शेर भी सुरक्षित नहीं हैं। मानव-शेर द्वंद के अलावा उन्हें संक्रमण का भी खतरा हो सकता है और यह खतरा पूरी प्रजाति को नुकसान पहुंचा सकता है।
मुलाकात का समय मांगा
शेरों को मध्य प्रदेश लाने की कोशिश में लगे हैं। इस सिलसिले में मैं प्रधानमंत्री से मिलूंगा। पत्र लिखकर उनसे मुलाकात का समय मांगा है।
- उमंग सिंघार, मंत्री, वन