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MP बोर्ड की भारी चूक... 15 हजार छात्रों का भविष्य अधर में, नियमित छात्रों को अंकसूची में दिखा दिया प्राइवेट

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

By Anjali raiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 21 Apr 2026 10:28:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Apr 2026 07:22:01 AM (IST)
MP बोर्ड की भारी चूक... 15 हजार छात्रों का भविष्य अधर में, नियमित छात्रों को अंकसूची में दिखा दिया प्राइवेट
माशिमं की बड़ी लापरवाही।

HighLights

  1. मध्य प्रदेश बोर्ड की अंकसूचियों में भारी त्रुटि
  2. स्कूल जाकर पढ़ाई करने वाले छात्र स्वाध्यायी घोषित
  3. 250 निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की श्रेणी बदली

नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं के करीब 15 हजार विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। बोर्ड द्वारा जारी की गई अंकसूचियों में ऐसे विद्यार्थियों को स्वाध्यायी श्रेणी में दर्शाया गया है, जिन्होंने पूरे वर्ष नियमित रूप से स्कूल जाकर पढ़ाई की थी। इस गंभीर त्रुटि के विद्यार्थी परेशान हैं।

दरअसल, माशिमं ने हाल में 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया है। इसमें 12वीं का परिणाम 76.01 प्रतिशत और 10वीं का 73.42 प्रतिशत रहा। परिणाम घोषित होने के बाद कई विद्यार्थियों ने जब अपनी अंकसूची देखी, तो उन्हें पता चला कि उनकी श्रेणी नियमित के बजाय स्वाध्यायी दर्ज कर दी गई है। इस गलती को लेकर स्कूल संचालकों ने मंडल अधिकारियों से शिकायत की है।

हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी

सत्र 2025-26 में 250 निजी स्कूलों की मान्यता दूसरी अपील में निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने विद्यार्थियों के हित को देखते हुए इन स्कूलों को अस्थायी मान्यता देने के निर्देश दिए थे। लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश का पालन करते हुए स्कूलों को मान्यता भी प्रदान कर दी थी। इसके बावजूद माशिमं ने इन स्कूलों के विद्यार्थियों को नियमित मानने के बजाय स्वाध्यायी श्रेणी में डाल दिया।

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राजधानी के 10 स्कूल शामिल इस गड़बड़ी में

भोपाल सहित प्रदेश के कई निजी स्कूल प्रभावित हुए हैं। राजधानी के करीब 10 स्कूलों के विद्यार्थी इस समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें सेवन हिल्स पब्लिक स्कूल, रेडियेंट स्कूल पिपलिया पेंदे खां, ज्ञान चेतना हाईस्कूल और अंकुर हायर सेकेंडरी स्कूल जैसे संस्थान शामिल हैं।

कुछ स्कूलों से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।- बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं