• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

'पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालना उनकी हत्या जैसा...', एनजीटी की भोपाल नगर निगम और PWD को फटकार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कठोर टिप्पणी करते हुए इसे पेड़ों की हत्या करने जैसा बताया है।

By anuj mainaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 21 Apr 2026 10:17:22 PM (IST)Updated Date: Tue, 21 Apr 2026 10:17:22 PM (IST)
'पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालना उनकी हत्या जैसा...', एनजीटी की भोपाल नगर निगम और PWD को फटकार
भोपाल के बाबूलाल गौर मार्ग मामले में NGT की टिप्पणी।

HighLights

  1. पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालना उनकी 'हत्या' जैसा
  2. भोपाल के बाबूलाल गौर मार्ग मामले में NGT की टिप्पणी
  3. पूरे प्रदेश के लिए नई गाइडलाइन बनाने के दिए निर्देश

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों के चारों ओर उनसे सटाकर कंक्रीट डाले जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कठोर टिप्पणी करते हुए इसे पेड़ों की हत्या करने जैसा बताया है। इस पर सख्ती दिखाते हुए ट्रिब्यूनल ने इस प्रक्रिया को पर्यावरण के लिए हानिकारक बताते हुए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

बाबूलाल गौर मार्ग निर्माण और कंक्रीटीकरण का मामला

दरअसल, अवधपुरी क्षेत्र में बाबूलाल गौर मार्ग के निर्माण के दौरान करीब 25 पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट डाल दिया गया, जिससे पेड़ों की जड़ों तक पहुंचने वाला हवा और पानी का प्रवाह बाधित हो गया है। इस मामले में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कहा है कि इस तरह का कंक्रीटीकरण पेड़ों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और शहरी पर्यावरण को प्रभावित करता है। जड़ों तक हवा और पानी न पहुंचने से न केवल पेड़ नष्ट हो रहे हैं, बल्कि इससे शहर का तापमान बढ़ रहा है और भूजल स्तर गिर रहा है।


एनजीटी के कड़े निर्देश

ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया है कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों के चारों ओर कम से कम एक मीटर खुली मिट्टी छोड़ी जाए। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआइ को पेड़ों पर लगे बोर्ड, विज्ञापन, बिजली के तार और अन्य अवरोध हटाने के लिए कहा गया है। शहर में पेड़ों के इलाज के लिए नगर निगम एक विशेष ट्री डिजीज सर्जरी यूनिट स्थापित करने पर विचार करे और शहरी विकास विभाग को पूरे प्रदेश के लिए निर्माण कार्यों के दौरान पेड़ों की सुरक्षा हेतु नए दिशा-निर्देश जारी करने होंगे।

यह भी पढ़ें- सामने रोकी कार तो भड़का साधू, एडिशनल पब्लिक प्रोसीक्यूटर पर किया त्रिशूल से हमला, अधिकारी लहुलूहान

पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के मौलिक अधिकार

ट्रिब्यूनल ने शहरी क्षेत्रों में पेड़ों के संरक्षण और रखरखाव के लिए विशेष व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता भी बताई है। पीठ ने दोहराया कि अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण में जीना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।